सरकार ने संसद का विशेष सत्र बुलाने की जानकारी दी है। इसके बाद इसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हैं। इसे लेकर जब शिवेसना (यूबीटी) नेता संजय राउत से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने संसद का विशेष सत्र बुलाया है लेकिन कोई नहीं जानता कि ये विशेष सत्र क्यों बुलाया गया है। महाराष्ट्र में उस दौरान गणेश उत्सव होगा तो हम इसमें नहीं जा सकते।
चीन मुद्दे पर चर्चा कर सकते हैं प्रधानमंत्री
संजय राउत ने कहा कि हमने सुना है कि प्रधानमंत्री मोदी चीन के मुद्दे पर चर्चा करना चाहते हैं। चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख के हिस्से को अपने नक्शे में दिखाने से व्यथित हैं और इस मुद्दे पर चर्चा करना चाहते हैं तो हम इसका स्वागत करते हैं। संसद का विशेष सत्र चीन और मणिपुर मुद्दे पर बुलाया जाना चाहिए और इस पर चर्चा होनी चाहिए। मैं प्रधानमंत्री मोदी का आभारी हूं कि वह इन मुद्दों पर चर्चा करना चाहते हैं।
हिंदू भावनाएं आहत करने का लगाया था आरोप
शिवसेना (उद्धव ठाकरे) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी संसद का विशेष सत्र बुलाए जाने की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सत्र भारत के सबसे महत्वपूर्ण त्योहार गणेश उत्सव के दौरान बुलाया गया। इस समय संसद का विशेष सत्र बुलाया जाना हिंदू भावनाओं के खिलाफ है। जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने भी गणेश चतुर्थी के मौके पर संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिए सरकार की आलोचना की है और इसे हिंदू विरोधी मानसिकता करार दिया है।
बता दें कि केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर बताया कि 18 से 22 सितंबर तक संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। ऐसी भी चर्चाएं हैं कि सरकार एक देश एक चुनाव के मुद्दे पर विधेयक पेश कर सकती है। इस चर्चा की वजह सरकार द्वारा इस मुद्दे पर विचार के लिए कमेटी गठित करना है। जिसका अध्यक्ष पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को बनाया गया है।