शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने बुधवार को भाजपा पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ दल को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की याद तभी आई जब 26 विपक्षी दलों ने एक साथ मिलकर भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन (INDIA) बनाया। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा से मुकाबला करने के लिए बनाए गए 'भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन' की अगली बैठक मुंबई में होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि 'इंडिया' (INDIA) देश में तानाशाही को हराएगा।
राउत ने कहा, अब आपको एनडीए की याद तभी आई है जब हम 26 विपक्षी दल देश के लिए 'इंडिया' के रूप में पटना और बेंगलुरु में एक साथ आए। बैठकों के बाद ही आपका कमल (भाजपा का पार्टी चिह्न) खिलना शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि 'इंडिया' तय करेगा कि अगला प्रधानमंत्री कौन होगा।
वहीं, एनडीए में शामिल 38 दलों के नेताओं की मंगलवार को दिल्ली में मुलाकात हुई। मंगलवार को बेंगलुरु में 26 विपक्षी दलों की एक बैठक में सर्वसम्मति से उनके गठबंधन का नाम 'इंडिया' रखने का प्रस्ताव अपनाया गया, जिसमें उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) भी शामिल थी। मूल सुझाव इसे "भारतीय राष्ट्रीय जनतांत्रिक समावेशी गठबंधन" कहने का था, लेकिन कुछ नेताओं के यह कहने के बाद कि यह सत्तारूढ़ एनडीए के समान लगता है, "लोकतांत्रिक" शब्द को "विकासात्मक" से बदल दिया गया।
लोकसभा और राज्यसभा में कौन-कितना ताकतवर?
26 विपक्षी दलों के गठबंधन 'इंडिया' के पास अभी लोकसभा में 141 और राज्यसभा में 93 सदस्य हैं। लोकसभा में सबसे ज्यादा कांग्रेस के 49 सदस्य हैं। दूसरे नंबर पर डीएमके के पास 24 और तृणमूल कांग्रेस के पास 23 सांसद हैं। जेडीयू के पास 16, शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के पास छह सदस्य हैं। CPI (M), IUML,नेशनल कान्फ्रेंस, समाजवादी पार्टी, एनसीपी (शरद पवार) खेमे के पास 3-3 सदस्य हैं। आम आदमी पार्टी, जेएमएम, आरएसपी, एमडीएमके, वीसीके और केरला कांग्रेस (एम) के पास एक-एक सदस्य हैं। सीपीआई के दो सदस्य हैं। आठ ऐसे दल हैं, जिनके पास एक भी सांसद नहीं हैं।
वहीं, एनडीए की बात करें तो इस खेमे में लोकसभा में अभी कुल 332 सांसद हैं। इनमें सबसे ज्यादा भाजपा के 301 सदस्य हैं। शिवसेना एकनाथ शिंदे गुट के पास 13, लोक जनशक्ति पार्टी के पास छह सदस्य हैं। एनसीपी अजित गुट के दो, अपना दल (S) और शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) के पास दो सांसद हैं। छह ऐसे दल हैं, जिनके पास एक-एक सांसद हैं। 25 दल ऐसे हैं, जिनके पास कोई सांसद नहीं हैं।