प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में पूछताछ के लिए शिवसेना सांसद भावना गवली को बुधवार के लिए समन जारी किया था। लेकिन, सांसद चिकनगुनिया से संक्रमित होने की बात कहते हुए पेशी से गैरहाजिर रहीं।
शिवसेना सांसद भावना गवली बुधवार को मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश नहीं हुईं। उन्होंने अपनी गैरमौजूदगी के पीछे चिकनगुनिया होने का हवाला दिया है। 48 वर्षीय सांसद को एजेंसी ने बुधवार के लिए समन जारी किया था। इस दौरान उनका बयान दर्ज किया जाना था। गवली के वकील ने बताया कि उन्होंने इसे लेकर इस मामले के जांच अधिकारी के पास चिकित्सकीय प्रमाणपत्र जमा किया है और पेशी से लगभग 15 दिन की राहत मांगी है।
विज्ञापन
गवली महाराष्ट्र के यवतमाल-वाशिम निर्वाचन क्षेत्र से मौजूदा लोकसभा सदस्य हैं। एजेंसी ने उन्हें पहली बार चार अक्तूबर को पेश होने के लिए बुलाया था, लेकिन उन्होंने काम का हवाला देते हुए पेशी के स्थगन और नई तारीख की मांग की थी। इसके बाद उन्हें दक्षिण मुंबई स्थित ईडी कार्यालय में मामले के जांच अधिकारी के समक्ष 20 अक्तूबर को पेश होने के लिए कहा गया था। एजेंसी ने सितंबर में उसके सहयोगी सईद खान को पीएमएलए के तहत दर्ज मामले में गिरफ्तार किया था।
ईडी ने सईद खान को हिरासत में लेते वक्त दावा किया था कि गवली ने खान की मदद और धोखाधड़ी के जरिए एक न्यास को निजी कंपनी में बदलने की आपराधिक साजिश रची। एजेंसी गवली से खान के उनके संबंधों के बारे में पूछताछ करना चाहती है। एजेंसी के अनुसार इस मामले में अब तक की जांच में 18 करोड़ रुपये से अधिक की गड़बड़ी की जानकारी सामने आई है।