सार
आईएनएस ब्रह्मपुत्र पर 21 जुलाई की शाम को उस समय आग लग गई थी, जब उसकी मरम्मत की जा रही थी। नौसेना डॉकयार्ड मुंबई और बंदरगाह में मौजूद अग्निशमन कर्मियों की सहायता से 22 जुलाई की सुबह तक आग पर काबू पा लिया था।
21 जुलाई की शाम को भारतीय नौसेना युद्धपोत आईएनएस ब्रह्मपुत्र पर आग लग गई थी। यह घटना उस समय हुई, जब जहाज की मरम्मत का काम किया जा रहा था। इसे लेकर नौसेना के उप प्रमुख वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामिनाथन का कहना है कि इस नुकसान का आकलन किया जाएगा। एडमिरल स्वामिनाथन ने यह भी कहा कि आग की घटना के बाद लापता हुए नाविक को रविवार के दिन जहाज से बाहर जाते हुए देखा गया था और उसका पता लगाने के लिए तलाशी अभियान जारी है। उन्होंने आगे कहा कि आग लगने की घटना के बाद आईएनएस ब्रह्मपुत्र एक तरफ झुक गया था और उसे सीधा करने की कोशिशें लगातार जारी हैं।
आईएनएस ब्रह्मपुत्र पर 21 जुलाई की शाम लगी थी आग
भारतीय नौसेना का कहना है कि युद्धपोत आईएनएस ब्रह्मपुत्र पर 21 जुलाई की शाम को उस समय आग लग गई थी, जब उसकी मरम्मत की जा रही थी। नौसेना डॉकयार्ड, मुंबई और बंदरगाह में मौजूद अन्य जहाजों के अग्निशमन कर्मियों की सहायता से जहाज के चालक दल ने 22 जुलाई की सुबह तक आग पर काबू पा लिया था। बताया गया है कि इस दौरान जहाज एक तरफ झुक गया था और कई प्रयास करने के बाद भी इसे सीधे खड़ा नहीं किया जा सका।
वाइस एडमिरल स्वामिनाथन ने क्या कहा?
नौसेना के वाइस एडमिरल स्वामिनाथन का कहना है कि यह एक दुखद घटना है लेकिन नौसेना इस मामले की जांच करेगी। इसे लेकर हर तरह आवश्यक कार्रवाइयां कीं जाएंगीं। उन्होंने आगे कहा कि आग को बुझाने के लिए अत्यधिक पानी का इस्तेमाल किया गया था। बहुत ज्यादा पानी भर जाने की वजह से जहाज की स्थिरता पर असर पड़ा और यह एक तरफ झुक गया। नौसेना के वाइस एडमिरल ने आगे कहा कि पंपों के माध्यम से पानी को बाहर निकाला जा रहा है और जल्द ही यह सीधा खड़ा हो जाएगा। इसके बाद नुकसान का आकलन किया जाएगा।