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Ajit Dobhal: बचपन में पता नहीं था कि पिता IPS हैं, जानें NSA अजित डोभाल के बेटे शौर्य ने क्या-क्या कहा

Sat, 10 Aug 2024 06:02 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

 शौर्य ने कहा कि मुझे पता ही नहीं था कि मेरे पिता क्या करते हैं, क्योंकि घर पर काम को लेकर चर्चा करने का कोई कल्चर नहीं है। लेकिन वह मुझसे हर चीज पूछते हैं और जानते हैं कि मैं क्या करता हूं।
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एनएसए अजीत डोभाल के बेटे शौर्य डोभाल। - फोटो : पीटीआई/वीडियो ग्रैब
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विस्तार
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भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के निजी जीवन और काम को लेकर उनके बेटे शौर्य डोभाल ने कई अहम खुलासे किए। शौर्य ने कहा कि उनको बचपन में पता ही नहीं था कि उनके पिता आईपीएस हैं। वह समझते थे कि पिता विदेश सेवा में काम करते हैं। उन्हें अपने पिता के सीक्रेट मिशन के बारे में बहुत बाद में जानकारी मिली। 

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एक साक्षात्कार के दौरान भाजपा नेता और थिंक-टैंक इंडिया फाउंडेशन के संस्थापक शौर्य ने कहा कि जब मैं भारत वापस आया तब मुझे इस बारे में जानकारी मिली। बचपन में मुझे पता ही नहीं था कि वे आईपीएस हैं। मुझे लगता है कि अगर एक डिटेक्टिव के काम के बारे में उसके बच्चों को पता होगा तो वह किस तरह का जासूस होगा?

उन्होंने कहा कि एक बार मैनें अपने पिता के एक सहकर्मी से कहा था कि पाकिस्तान के आईएसआई की तुलना में भारत के इंटेलीजेंस ब्यूरो की खबरें बहुत कम सुनने को मिलती हैं, ऐसा क्यों होता है? तो मेरे पिता के सहकर्मी ने मुझसे कहा था कि जो आप सुन नहीं पाते, हम वही करते हैं। शौर्य ने कहा कि मुझे पता ही नहीं था कि मेरे पिता क्या करते हैं, क्योंकि घर पर काम को लेकर चर्चा करने का कोई कल्चर नहीं है। लेकिन वह मुझसे हर चीज पूछते हैं और जानते हैं कि मैं क्या करता हूं।
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दिल्ली विवि के हिंदू कॉलेज से पढ़ाई करने के बाद शौर्य डोभाल ने लंदन बिजनेस स्कूल और शिकागो विवि से संयुक्त एमबीए किया है। एमबीए करने के बाद उन्होंने निवेश बैंकिंग में नौकरी की, लेकिन बाद में नौकरी छोड़ दी। इसके बाद 2009 में भारत वापस आकर थिंकटैंक इंडिया फाउंडेशन की स्थापना की। 

इंडिया फाउंडेशन की स्थापना को लेकर शौर्य ने कहा कि भारत में राजनीतिक थिंक टैंक की संस्कृति नहीं थी, यह नई शुरुआत थी। मैं जीवन में व्यवसाय के साथ देश के लिए कुछ करना चाहता था। इसलिए मैनें यह शुरू किया। अपने काम करने के तरीके को लेकर उन्होंने कहा कि हम तटस्थ नहीं होते हैं। भारत के बारे में हमारा दृष्टिकोण स्पष्ट है। हम उसके अनुसार ही काम करते हैं। सरकार के साथ संबंधों को लेकर शौर्य ने कहा कि हमारा सरकार के साथ रिश्ता ज्यादा नहीं है। पार्टी के साथ रिश्ता है। फंडिंग को लेकर उन्होंने कहा कि हम निजी संगठन से फंडिंग करते हैं। 

कौन हैं अजीत डोभाल
अजीत डोभाल को लगातार तीसरी बार राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) नियुक्त किया गया है। अजीत डोभाल को पहली बार 20 मई 2014 को देश का राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया गया था। तब से डोभाल ही इस पद को संभाल रहे हैं। 1968 बैच के आईपीएस अधिकारी अजीत डोभाल को कूटनीतिक सोच और काउंटर टेरेरिज्म का विशेषज्ञ माना जाता है। अजीत डोभाल 2005 में इंटेलिजेंस ब्यूरो प्रमुख के रूप में सेवानिवृत्त हुए थे। उन्हें 30 मई, 2014 को पहली बार एनएसए के रूप में नियुक्त किया गया था। इसके बाद 31 मई, 2019 को एक बार फिर से उन्हें एनएसए के रूप में नियुक्ति मिली। माना जाता है कि उरी में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान स्थित आतंकियों के ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक में अजीत डोभाल की अहम भूमिका रही थी। इसके बाद पुलवामा में आतंकी हमले के बाद बालाकोट एयर स्ट्राइक में भी डोभाल ने बड़ी भूमिका निभाई।

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