राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी सुप्रीमो शरद पवार ने एक बार पार्टी के बागी नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हाल ही में हमारे कुछ लोग सरकार में शामिल हुए हैं। वे कह रहे हैं कि वे विकास के मुद्दे पर गए थे, लेकिन इसका कोई खास मतलब नहीं था। उनमें से कुछ ED जांच के घेरे में थे। उनमें से कुछ लोग जांच का सामना नहीं करना चाहते थे, लेकिन कुछ लोग जो अनिल देशमुख जैसे थे, उन्होंने जेल जाना स्वीकार कर लिया।
उन्होंने कहा कि अनिल देशमुख ने जेल जाना स्वीकार किया और 14 महीने बिताए जहां उन्हें जांच से बचने के लिए उस पक्ष (भाजपा) में शामिल होने की भी पेशकश की गई, लेकिन उन्होंने कहा कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है। वह कानून का सामना करेंगे और अपनी विचारधारा नहीं छोड़ेंगे। हमारे कुछ सदस्य एजेंसियों की जांच के दबाव में भाजपा में शामिल हुए।
शरद पवार पार्टी की ओर से आयोजित सोशल मीडिया बैठक में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अजित पवार गुट पर परोक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को महाराष्ट्र के आम लोगों की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। राज्य बेरोजगारी जैसी समस्या का सामना कर रहा है, किसान भी परेशान हैं।
दरअसल, अजित पवार के नेतृत्व में राकांपा विधायकों के एक समूह ने पिछले महीने बगावत कर दी थी। वे महाराष्ट्र की शिवसेना-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गठबंधन सरकार में शामिल हो गए थे। अजित पवार ने जुलाई में उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ आठ अन्य राकांपा विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली थी।