शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा खतरे में है। चुनाव आयोग जल्दी ही एनसीपी के इस दर्जे की समीक्षा करेगा। चुनाव आयोग आज यानी मंगलवार को ही पार्टी के प्रतिनिधियों की बात सुनेगा। दरअसल, चुनाव आयोग ने 2016 में राष्ट्रीय पार्टी की स्थिति की समीक्षा के नियमों में बदलाव किया है। अब समीक्षा पांच के बजाए 10 साल में किए जाने का प्रावधान किया गया है। हालांकि, किसी भी राष्ट्रीय पार्टी के लिए आवश्यक है कि उसके उम्मीदवार देश में कम से कम चार से ज्यादा राज्यों में छह प्रतिशत से अधिक मत हासिल करें। लोकसभा में उसका प्रतिनिधित्व कम से कम चार सांसदों का हो।
चुनाव आयोग के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार एनसीपी इस समय इसमें से कई मानकों को पूरा नहीं करती। इसलिए वह इस मुद्दे पर आयोग के सामने है। वैसे तो आयोग को 2019 में ही टीएमसी, सीपीआई और एनसीपी को राष्ट्रीय दल की समीक्षा करनी थी, लेकिन तब आगामी राज्यों के चुनावों को देखते हुए आयोग ने समीक्षा नहीं की, दरअसल चुनाव चिन्ह आदेश 1968 के तहत अपने राष्ट्रीय दल के दर्जे को खोने पर पार्टी देश के सभी राज्यों में एक चुनाव चिन्ह पर चुनाव नहीं लड़ सकती है। ऐसे में यदि पार्टी का दर्जा समाप्त होता है, तो वह केवल उन्हीं राज्यों में चुनाव लड़ सकेंगी जहा राज्य पार्टी के रूप में उसे मान्यता होगी।
राष्ट्रीय पार्टी बनने की शर्तें क्या है?
- कोई पार्टी तीन राज्यों के लोकसभा चुनाव में 2 फीसद सीटें जीते।
- चार लोकसभा सीटों के अलावा कोई पार्टी लोकसभा में छह फीसदी वोट हासिल करे या विधानसभा चुनावों में कम से कम चार या इससे अधिक राज्यों में छह फीसदी वोट जुटाए।
- कोई पार्टी चार या इससे अधिक राज्यों में क्षेत्रीय पार्टी के रूप में मान्यता रखे। साल 2019 में एनपीपी को इसी शर्त के आधार पर राष्ट्रीय पार्टी होने का दर्जा मिला था। अब अनुमान है कि गुजरात के नतीजे आने के बाद आम आदमी पार्टी भी इसी शर्त को पूरा कर लेगी।
- इन शर्तों में जो पार्टी एक भी शर्त पूरा करती है तो उसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिलता है।
अभी कितने राष्ट्रीय दल हैं?
1. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)
2. कांग्रेस
3. बहुजन समाज पार्टी (बीएससी)
4. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी)
5. कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया
6. कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी)
7. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी)
8. नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) हैं। एनपीपी भारत की सबसे नई राष्ट्रीय पार्टी है। इस दल को साल 2019 में राष्ट्रीय दल की मान्यता हासिल की।
'आप' को मिलेगा राष्ट्रीय दल का दर्जा
दिल्ली की राजनीति से शुरुआत करने वाली आम आदमी पार्टी को गुजरात चुनाव के बाद राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिलना लगभग तय हो गया है। आप ने गुजरात में पांच सीटों पर जीत दर्ज की थी। मौजूदा वक्त में दिल्ली और पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है। गोवा विधानसभा चुनाव में भी कुल वोट का 6.8 फीसदी हिस्सा आम आदमी पार्टी को मिला था। यहां आप के दो प्रत्याशियों की जीत हुई थी। अगस्त महीने में ही चुनाव आयोग की घोषणा के मुताबिक आप गोवा में भी एक मान्यता प्राप्त पार्टी बन गई थी।