पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लाहौर हाईकोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए दो आतंकवाद मामलों में जमानत दे दी है। पिछले सप्ताह इस्लामाबाद में न्यायिक परिसर के बाहर हुई हिंसा को लेकर उनके खिलाफ दर्ज आतंकवाद समेत कई मामलों में मंगलवार को लाहौर उच्च न्यायालय ने सुरक्षात्मक जमानत दे दी।
न्यायमूर्ति शहबाज रिजवी और न्यायमूर्ति फारूक हैदर की दो न्यायाधीशों की पीठ ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख को 27 मार्च तक आतंकवाद के मामलों में सुरक्षात्मक जमानत दे दी। पूर्व प्रधानमंत्री तोशखाना मामले में एनएबी की जांच में लाहौर उच्च न्यायालय (एलएचसी) के न्यायमूर्ति बाकिर नकवी के समक्ष भी पेश हुए। अदालत ने उन्हें अगले मंगलवार तक सुरक्षात्मक जमानत दे दी।
अदालत के एक अधिकारी ने सुनवाई के बाद पीटीआई-भाषा को बताया कि इमरान खान ने मंगलवार अदालत को बताया कि वह अदालत में चुपके से आए थे, क्योंकि उनके घर के पास भारी संख्या में पुलिस तैनात थी, ताकि उन्हें अदालत पहुंचने से रोका जा सके। वहीं इमरान खान ने कहा कि उन्हें किसी भी मामले में पेश होने में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन अदालत में उनकी पेशी के दौरान सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई अराजकता पैदा न हो।
पिछले 11 महीनों में पीटीआई प्रमुख इमरान के खिलाफ दर्ज मामलों की संख्या बढ़कर लगभग 100 हो गई है। इससे पहले इमरान खान अदालत के सामने पेश नहीं हुए थे साथ ही उनके कार्यकर्ताओं ने भी उनके खिलाफ कार्रवाई का विरोध किया था। लेकिन इमरान ने हाईकोर्ट जाने को लेकर अपनी रणनीति बदल दी। पंजाब और इस्लामाबाद पुलिस ने प्रांत के विभिन्न हिस्सों से 500 से अधिक पीटीआई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कहा कि गिरफ्तार पीटीआई कार्यकर्ता लाहौर और इस्लामाबाद में हाल की हिंसा की घटनाओं में वांछित थे।
पंजाब प्रांत में उनके खिलाफ दर्ज सभी मामलों का विवरण मांगने वाली याचिका में पीटीआई प्रमुख एलएचसी के न्यायमूर्ति तारिक सलीम शेख के समक्ष भी उपस्थित हुए। इमरान खान ने न्यायमूर्ति शेख को सूचित किया कि पंजाब सरकार ने उनके (न्यायाधीश) आदेश का उल्लंघन किया और लाहौर में मेरे घर पर हमला किया गया। मेरी पत्नी अकेली थी जो पुलिस हमले के दौरान डर गई थी।
इमरान खान ने अदालत से अनुरोध किया कि पंजाब के कार्यवाहक मुख्यमंत्री मोहसिन नकवी और पुलिस महानिरीक्षक के खिलाफ लाहौर हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन करने के लिए उनके जमान पार्क आवास पर पुलिस कार्रवाई को रोकने के लिए मामला दर्ज करने के लिए उनकी याचिका पर पुलिस को आदेश दिया जाए।
इमरान खान के वकील सरदार मसरूफ खान अदालत में पेश हुए। वकील ने कहा कि इमरान खान को मंगलवार को लाहौर उच्च न्यायालय (एलएचसी) के समक्ष पेश होना है। उन्होंने बताया कि जैसे ही वह घर से निकलते हैं, उसके साथ हजारों कार्यकर्ता निकल आते हैं। इमरान खान आना चाहते हैं, लेकिन हर बार लोग बाहर आते हैं और हमला करते हैं और फिर उसके खिलाफ मामले दर्ज किए जाते हैं।
इस्लामाबाद में शनिवार को पीटीआई कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच टकराव के दौरान 25 से अधिक सुरक्षाकर्मी घायल हो गए, जिसके बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जफर इकबाल ने अदालत की सुनवाई 30 मार्च तक के लिए टाल दी।
हिंसा भड़काने के आरोप में पाकिस्तानी पत्रकार गिरफ्तार
पाकिस्तान की पुलिस ने तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले की सुनवाई के लिए पिछले सप्ताह पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पेशी के दौरान यहां अदालत परिसर के बाहर हिंसा भड़काने के आरोप में एक पत्रकार को गिरफ्तार किया है। पत्रकार की पहचान सिद्दीकी जान के रूप में हुई है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। इमरान खान के समर्थकों और पुलिस के बीच शनिवार को कई घंटे तक संघर्ष हुआ था। यह संघर्ष अदालत परिसर के बाहर उस समय हुआ था, जब पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख खान पाकिस्तान के निर्वाचन आयोग द्वारा दायर एक शिकायत पर कार्यवाही में भाग लेने के लिए अदालत पहुंचे थे। आयोग ने खान के खिलाफ शिकायत संपत्ति घोषणाओं में उपहारों का ब्योरा कथित रूप से छिपाने को लेकर दायर की थी।