महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन ने सोमवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि शरद पवार ने राज्य में सरकार बनाने के लिए 2019 विधानसभा चुनाव के बाद नई दिल्ली में भाजपा नेताओं के साथ चार बैठकें कीं, लेकिन अंततः उन्होंने भाजपा की पीठ में छुरा घोंपा। उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री के तौर पर देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में अजित पवार का सुबह-सुबह उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेना शरद पवार की गुगली थी।
फडणवीस के भरोसेमंद नेताओं में से एक गिरीश महाजन ने नासिक में कहा कि 2019 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद शरद पवार ने सरकार बनाने के लिए दिल्ली में भाजपा नेताओं के साथ चार बैठकें कीं। उस समय शिवसेना (अविभाजित) संवेदनशील व्यवहार कर रही थी। शरद पवार ने हमारे नेताओं से यहां तक कहा था कि वे चिंता न करें।
उन्होंने कहा कि शरद पवार ने हमेशा से ही फडणवीस और अजित पवार की 80 घंटे तक चली सरकार के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है। सच तो यह है कि सभी मामलों में वह शरद पवार ही थे, जो फैसले ले रहे थे। भाजपा नेताओं के साथ दिल्ली में चार बैठकों में से एक में उनके साथ अजित पवार भी थे। शरद पवार इस बात से कभी इनकार नहीं कर सकते।
महाजन ने कहा कि शरद पवार परंपरागत रूप से पीठ में छुरा घोंपने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि इस बार उन्होंने यह काम भाजपा के साथ किया। यह पवार की गुगली थी। महाजन ने कहा कि 2014 के बाद महाराष्ट्र में कई राजनीतिक घटनाएं हुईं और उनमें राकांपा की महत्वपूर्ण भूमिका थी।
2019 के विधानसभा चुनावों के बाद शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी ने अपना गठबंधन तोड़ दिया था। इसके बाद फडणवीस और अजित पवार ने सरकार बनाने के लिए हाथ मिलाया। हालांकि, यह गठजोड़ 80 घंटे में ही टूट गया था। इसके बाद शिवसेना (अविभाजित) ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में महा विकास अघाड़ी सरकार बनाने के लिए राकांपा और कांग्रेस से हाथ मिलाया था।