रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट में शामिल दो आरोपी शाजिब और ताहा के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने तीसरी बार चार्जशीट दाखिल की है। एनआई की विशेष अदालत में दायर की गई चार्जशीट में आरोप लगाया गया है कि दोनों आरोपी आईएसआईएस से जुड़कर आतंकी फंडिंग के जरिये मुस्लिम युवाओं को कट्टरपंथी बना रहे थे। इन पर राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का भी आरोप है।
एनआईए ने चार्जशीट में कि आरोपी अब्दुल मथीन अहमद ताहा उर्फ ताहा और मुसाविर हुसैन शाजिब उर्फ शाजिब रामेश्वरम कैफे विस्फोट में भी शामिल थे। इस मामले में पहले ही दोनों खिलाफ आरोप पत्र दायर किया जा चुका है। एनआईए ने कहा कि आरोपी आतंक फैलाने, देश को अस्थिर करने की आईएस की साजिश के तहत कट्टरपंथ, भर्ती, आतंकी फंडिंग के अलावा आगजनी, विस्फोट और भारतीय राष्ट्रीय ध्वज को जलाने जैसी हिंसक गतिविधियों में शामिल थे।
बता दें कि इस साल एक मार्च को आईटीपीएल बंगलूरू के ब्रुकफील्ड स्थित रामेश्वरम कैफे में हुए आईईडी विस्फोट में 10 लोग घायल हो गए थे। होटल की संपत्ति को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा था। एनआईए ने तीन मार्च को इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने इस केस में विभिन्न राज्य पुलिस बलों और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय कर कई तकनीकी पहलुओं की जांच की थी।
जांच से पता चला है कि शाजिब ही वह शख्स था, जिसने कैफे में बम रखा था। वह, ताहा के साथ, 2020 में अल-हिंद मॉड्यूल आतंकी संगठन का भंडाफोड़ होने के बाद से फरार था। एनआईए द्वारा की गई व्यापक तलाशी के कारण उन्हें रामेश्वरम कैफे विस्फोट के 42 दिन बाद पश्चिम बंगाल में उनके ठिकाने से गिरफ्तार किया गया। कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले के रहने वाले दोनों व्यक्ति आईएसआईएस के साथ जुड़े हुए थे। उन्होंने पहले सीरिया में आईएसआईएस क्षेत्रों में हिजरत करने की साजिश रची थी।