इतिहास में समृद्ध संस्कृति को नजरअंदाज किया, अब सुधारने का उचित समय : संघ
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने देश के इतिहास को उचित तरीके से प्रस्तुत नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसमें बदलाव का यही सही समय है। हैदराबाद में तीन दिवसीय समन्वय बैठक के समापन के बाद संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. मनमोहन वैद्य ने कहा कि देश के समृद्ध संस्कृति को नजरअंदाज किया गया।
उन्होंने शिक्षा में आमूलचूल परिवर्तन की वकालत करते हुए कहा कि बेहतर राष्ट्र के निर्माण के लिए बच्चों को देश की आध्यात्मिक संस्कृति से परिचय कराया जाना चाहिए। वैद्य ने कहा कि भारत का गौरवशाली इतिहास रहा है। हमारी गौरवशाली संस्कृति रही है। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतिहास को सही तरीके से पेश नहीं किया गया। देश की शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जिससे नई पीढ़ी गौरवशाली आध्यात्मिक संस्कृति को समझे और उसे अपनाए।
आजादी की लड़ाई का भी एकपक्षीय इतिहास
डॉ. वैद्य ने कहा कि आजादी की लड़ाई में लाखों लोगों ने योगदान दिया। केवल कुछ लोगों के कारण यह आजादी नहीं मिली। इस मामले में संघ का सांस्कृतिक प्रकोष्ठ संस्कार भारत स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी जान न्योछावर करने वाले ऐसे 250 शहीदों के अतीत से देश को परिचित कराएगा। ये ऐसे शहीद हैं जो स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी जान गंवाने के बावजूद गुमनाम हैं।