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Wayanad Landslide: लोगों को फिर से दस्तावेज मुहैया कराने के लिए चला विशेष अभियान; लापता लोगों की तलाश जारी

Mon, 12 Aug 2024 11:46 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वायनाड (केरल)

सार

केरल के वायनाड जिले में पिछले महीने के अंत में मेप्पाडी के पास विभिन्न पहाड़ी इलाकों में आए भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी थी। इस प्राकृतिक आपदा के कारण 300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
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वायनाड में भूस्खलन - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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केरल के वायनाड जिले में 30 जुलाई को मेप्पाडी के पास विभिन्न पहाड़ी इलाकों में आए भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी थी। इस प्राकृतिक आपदा के कारण 300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों घायल हैं। इस बीच, भूस्खलन में अपना सब कुछ खो चुके जिंदा बचे लोगों को उनके आधिकारिक दस्तावेज फिर से देने के लिए सोमवार को वायनाड के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में एक विशेष शिविर शुरू किया गया। साथ ही लापता लोगों की तलाश भी जारी रही। 

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स्कूलों में बनाए गए शिविर
स्थानीय स्वशासन विभाग, जिला प्रशासन और राज्य आईटी मिशन द्वारा संयुक्त रूप से चलाए जा रहे प्रमाण पत्र/दस्तावेज पुनर्प्राप्ति अभियान के तहत यहां मेप्पाडी के चुनिंदा स्कूलों में ये शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने सोमवार को फेसबुक पोस्ट में कहा कि शिविरों या अन्य स्थानों पर ठहरे लोगों के लिए शिविरों में इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि वे आकर अपने खोए हुए दस्तावेज या प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकें।



इन विभागों की मदद से तलाशी अभियान जारी
इस बीच, एनडीआरएफ, पुलिस, अग्निशमन, नागरिक सुरक्षा बल, वन विभाग और बचाव स्वयंसेवकों के 190 सदस्यीय दल ने आज सुबह आपदा प्रभावित क्षेत्र के पांच क्षेत्रों में तलाशी अभियान फिर से शुरू किया। मुंडक्कई और चूरलमाला क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद रविवार को लापता लोगों की तलाश रोक दी गई थी।
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आपदा प्रभावित क्षेत्र की वीडियो सामने आई
वहीं, कोझिकोड जिले के मंजाचेल, विलंगड इलाके में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र की वीडियो सामने आई है। बता दें, 30 जुलाई को विलंगड क्षेत्र में भूस्खलन से मलयांगद पुल नष्ट हो गया था और नदी किनारे के चार घरों को आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। नदी के पास रहने वालों को सुरक्षित जगह पर पहुंचा दिया गया था।
 

राज्य सरकार के अनुसार, भूस्खलन से 300 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जबकि 130 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं। उन्होंने बताया कि बरामद कुल शवों में से 51 की पहचान की जानी बाकी है।

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