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चीन: भारतीय नाविकों वाले जहाजों को प्रवेश न देने के आरोपों को खारिज किया, कहा- ऐसे प्रतिबंध कभी नहीं लगाए

Tue, 27 Jul 2021 07:35 PM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग

सार

भारतीय नाविक निकाय ने बीते दिनों दावा किया था कि भारतीय नाविकों वाले जहाजों को चीन अपने बंदरगाह में प्रवेश की अनुमति नहीं दे रहा है और इस वजह से हजारों भारतीय नाविकों के रोजगार पर संकट आ गया है। वहीं, मंगलवार को चीन ने इससे इनकार कर किया है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पेक्सेल्स
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विस्तार
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चीन ने मंगलवार को इस आरोप से इनकार किया कि उसने भारतीय नाविकों वाले व्यावसायिक जहाजों को अनाधिकारिक रूप से अपने बंदरगाहों पर प्रवेश देने पर प्रतिबंध लगाया है। उसने कहा है कि बीजिंग ने ऐसे प्रतिबंध कभी नहीं लगाए हैं और इस तरह की खबरें सही नहीं हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि संबंधित विभागों से बात करने के बाद यह पाया गया है कि चीन ने ऐसे प्रतिबंध कभी नहीं लगाए।

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बता दें कि भारतीय नाविक निकाय ने बीते दिनों बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल को एक पत्र लिखा था। इसमें दावा किया गया था कि चीन में भारतीय नाविकों वाले जहाजों को अपने बंदरगाहों में प्रवेश की अनुमति नहीं दे रहा है और इसके चलते करीब 20 हजार नाविकों को घर पर बैठना पड़ रहा है। यूनियन ने अपने ट्विटर हैंडल से इस पत्र की प्रति पोस्ट की थी। इसमें निकाय ने कहा था कि मार्च 2021 के बाद से ही से अगर कोई जहाज चीन के बंदरगाह पर पहुंच रहा है और उस पर भारतीय कर्मचारी मौजूद हैं तो चीन की सरकार उस जहाज को अपने बंदरगाह में प्रवेश की अनुमति नहीं दे रही है।

इस पत्र की प्रतियां विदेश मंत्रालय और क्षेत्र नियामक, जहाजरानी महानिदेशालय को भी भेजी गई हैं। इसमें कहा गया है कि इस वजह से कंपनियों ने अपने जहाजों के लिए भारतीय कर्मचारियों की भर्ती करना बंद कर दिया है। लगभग 20 हजार नाविक इसके चलते अपने-अपने घरों में बैठे हैं, क्योंकि उनके पास कोई काम नहीं है। यूनियन ने पत्र में इस मामले में केंद्र सरकार से दखल देने व नौकरियां बचाने के लिए समाधान निकालने की मांग की है।
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यूनियन के अनुसार विभिन्न जहाजों पर लगभग 80 फीसदी नाविक भारत से हैं और हमारे बिना शिपिंग उद्योग ढह जाएगा और बड़े संकट में घिर जाएगा।

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