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SC: गैंगस्टर मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत, हथियार के लाइसेंस से जुड़ा मामला

Mon, 18 Mar 2024 01:37 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

गैंगस्टर मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। हथियार के लाइसेंस से जुड़े मामले में अब्बास को जमानत मिल गई है। 
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
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विस्तार
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हथियार के लाइसेंस से जुड़े मामले में अब्बास अंसारी
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गैंगस्टर मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। हथियार के लाइसेंस से जुड़े मामले में अदालत ने उसे जमानत दे दी है। गौरतलब है कि अब्बास अंसारी ने इस मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी। 
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कांग्रेस विधायक मुकीम का 2019 चुनाव रद्द करने के उड़ीसा हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम रोक
सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में कटक के बाराबती विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक मोहम्मद मुकीम के चुनाव को रद्द करने के उड़ीसा हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी। हालांकि, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने स्पष्ट किया कि स्थगन आदेश इस शर्त के अधीन है कि मुकीम विधानसभा की कार्यवाही में वोट डालने के हकदार नहीं होंगे लेकिन वह विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा ले सकेंगे।

जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस विश्वनाथन की पीठ ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया और कहा कि 10 मई 2024 तक जवाब देने को कहा। पीठ ने हाईकोर्ट के चार मार्च के आदेश को चुनौती देने वाली मुकीम की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। पीठ ने मुकीम को विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेने की अनुमति दी। साथ ही कहा कि वह एक विधायक के रूप में सभी भत्तों और सुविधाओं के हकदार हैं। 2019 के चुनाव में मुकीम की जीत को उनके प्रतिद्वंद्वी बीजद उम्मीदवार देबाशीष सामंतराय ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। चुनौती का आधार यह था कि मुकीम ने कथित तौर पर अपने खिलाफ लंबित 13 आपराधिक मामलों के बारे में जानकारी छिपाई थी और अपनी संपत्ति का पूरा विवरण नहीं दिया था। सामंतराय ने याचिका में दावा किया था कि मुकीम के नामांकन पत्र में अनुचित प्रस्तुति के बावजूद रिटर्निंग अधिकारी ने इसे गलत तरीके से स्वीकार कर लिया। इस साल 4 मार्च को हाईकोर्ट ने उनके चुनाव को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि चुनाव का परिणाम "भौतिक रूप से प्रभावित" हुआ था और यह नहीं कहा जा सकता कि मुकीम ‘विधिपूर्वक निर्वाचित’ थे। यह घोषित किया जाता है कि अप्रैल 2019 में बाराबती-कटक विधानसभा क्षेत्र से विधायक के रूप में प्रतिवादी (मुकीम) का चुनाव शून्य है और इसे रद्द कर दिया गया है।
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