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SC: धर्मांतरण मामले में कृषि विवि के कुलपति आरबी लाल को 'सुप्रीम' राहत, निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक

Thu, 16 May 2024 08:03 PM IST
मिथिलेश नौटियाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Supreme Court: उत्तर प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालय में धर्मांतरण के मामले में शीर्ष अदालत ने ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। ट्रायल कोर्ट में कुलपति राजेंद्र बिहारी लाल के खिलाफ पांच आपराधिक मामलों को लेकर सुनवाई चल रही थी। 
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Supreme Court - फोटो : ANI
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालय में धर्मांतरण के मामले में ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। बता दें कि ट्रायल कोर्ट में विश्वविद्यालय के कुलपति राजेंद्र बिहारी लाल के खिलाफ पांच आपराधिक मामलों को लेकर सुनवाई चल रही थी। शीर्ष अदालत ने निचली अदालत की कार्यवाही जारी रखने की उत्तर प्रदेश सरकार की अपील को अनुमति नहीं दी। न्यायमूर्ति जेबी पादरीवाला और मनोज मिसरा की पीठ ने अपने आदेश में कहा कि इस मामले में ट्रायल कोर्ट में आगे की कार्यवाही नहीं होनी चाहिए। 

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अदालत ने सुनी वकीलों की दलीलें, 2 अगस्त को अगली सुनवाई
अदालत ने कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति राजेंद्र बिहारी लाल की तरफ से पेश वकील सिद्धार्थ दवे की दलीलें सुनी। सिद्धार्थ दवे ने बताया कि ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने की आवश्यकता है क्योंकि सभी आरोपियों को इन मामलों में राज्य पुलिस द्वारा जारी किए गए समन के बाद उपस्थित होना होगा। एक आरोपी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुक्ता गुप्ता ने कहा कि कथित पीड़ितों में से किसी की भी गवाही राज्य पुलिस द्वारा दर्ज नहीं की गई। उन्होंने कहा कि पीड़ितों के बारे में दावा किया गया था कि उनका धर्मांतरण किया गया। शीर्ष अदालत की पीठ ने दलीलों को सुना और अब इस मामले की अगली सुनवाई 2 अगस्त को होगी। 

लाल के खिलाफ दर्ज हुए थे मामले 
लाल के खिलाफ धारा 307 (हत्या का प्रयास), आईपीसी की धारा 386 (जबरन वसूली), 504 (शांति भंग करने के उद्देश्य से जानबूझकर अपमान) के तहत मामले दर्ज हैं। उन पर उत्तर प्रदेश गैरकानूनी धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम, 2021 के कुछ प्रावधानों के तहत भी मामला दर्ज किया गया था। 
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यूपी पुलिस ने कोर्ट को बताई थी ये बातें
इससे पहले उत्तर प्रदेश पुलिस ने कोर्ट को बताया था कि लाल सामूहिक धर्म परिवर्तन कार्यक्रम के मुख्य आरोपी हैं। पुलिस ने यह भी बताया था कि लाल दो दशकों में धोखाधड़ी और हत्या सहित 38 मामलों में शामिल था। पुलिस शिकायत में आरोप लगाया गया था कि करीब 90 हिंदुओं को धर्मांतरण के उद्देश्य से हरिहरगंज, फतेहपुर में इवेंजेलिकल चर्च ऑफ इंडिया में लाया गया था। सभी लोगों को पैसे का लालच दिया गया था।

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