फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फैसला: सुप्रीम कोर्ट से सीबीआई जांच के खिलाफ बंगाल सरकार की अर्जी स्थगित, 22 अक्तूबर को होगी अगली सुनवाई

Mon, 04 Oct 2021 02:45 PM IST
प्रशांत कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सीबीआई ने हाल ही में पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा के मामलों में कई प्राथमिकी दर्ज की हैं। जिस पर बंगाल सरकार ने इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर इसे रोकने की अपील की है। 
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा मामलों की जांच कर रही सीबीआई के खिलाफ बंगाल सरकार की याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने 22 अक्तूबर तक मामले की सुनवाई टाल दी है। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव बाद हुई हिंसा की जांच के लिए सीबीआई को सौंपने के उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली राज्य सरकार की याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी। सरकार ने आरोप लगाया गया था कि सीबीआई राज्य में चुनाव बाद हिंसा मामलों की जांच बिना उसकी अनुमति के आगे बढ़ा रही है जो गैरकानूनी है। 

विज्ञापन


न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति बी आर गवई की पीठ ने साफ कहा कि वह इस मामले को अब और स्थगित नहीं करेगी और दशहरा की छुट्टी के बाद इसकी सुनवाई करेगी। पीठ ने कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार, 20 सितंबर, 2021 से पहले ही इस संबंध में नोटिस जारी किया जा चुका था, लेकिन केन्द्र की ओर से कोई पेश नहीं हुआ है। पीठ ने आगे कहा कि मामले को 22 अक्तूबर को सूचीबद्ध किया जाए। इस बीच प्रतिवादी अपनी आपत्तियां दाखिल कर सकते हैं।’’

सीबीआई बिना अनुमति प्राथमिकी दर्ज कर रही- सरकार
इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से पेश हुए। पश्चिम बंगाल सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 131 के तहत अपने मूल दीवानी मुकदमे में दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम 1946 के प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो बिना अनुमति के जांच और प्राथमिकी दर्ज कर रहा है।राज्य सरकार ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर चुनाव बाद हिंसा के मामलों में सीबीआई द्वारा दर्ज प्राथमिकियों की जांच पर रोक लगाने की अपील की है।   

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें