यूनिटेक ग्रुप की रुकी हुई परियोजना को पूरा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को रियल एस्टेट कंपनी के नए प्रबंधन को प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट्स (पीएमसी) नियुक्त करने की मंजूरी दे दी। न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ ने कहा कि नया प्रबंधन बोर्ड रुकी हुई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए पीएमसी की नियुक्ति के साथ आगे बढ़ सकता है। पीठ ने कहा कि पीएमसी को पार्ट ए प्रोजेक्ट में काम दिया जा सकता है और उनके काम के लिए फीस भी तय की जा सकती है।
शीर्ष अदालत ने सुरक्षा एआरसी के साथ दावों के निपटान के बारे में नए प्रबंधन बोर्ड द्वारा दायर की गई कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) पर भी ध्यान दिया और कहा कि अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है। पीठ ने कहा कि वह सुरक्षा एआरसी के वकील को निर्देश लेने और यूनिटेक के साथ दावों के समाधान का रास्ता खोजने का एक आखिरी मौका दे रही है।
पीठ ने अपने वरिष्ठ अधिवक्ता पराग त्रिपाठी से कहा कि यूनिटेक के तत्कालीन प्रबंधन के बीच सुरक्षा के लेन-देन को देखते हुए ऐसा लगता है कि प्रवर्तन निदेशालय द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग की जांच की आवश्यकता है। शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में कहा कि नए प्रबंधन के एटीआर ने आईसीआईसीआई बैंक और यूनिटेक के तत्कालीन प्रबंधन के साथ सुरक्षा के समझौते के संबंध में कुछ बयान दिया है। पीठ ने दीवाली की छुट्टी के बाद मामले को आगे की सुनवाई के लिए टाल दिया है।