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Kolkata Case: 'अदालत में जुर्म नहीं कबूलेगा संजय', आरोपी के वकील का दावा- डॉक्टर की हत्या में उसे फंसाया गया

Mon, 02 Sep 2024 11:17 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

वकील ने दावा किया कि जब से उन्हें आरोपी रॉय की ओर से केस लड़ने के लिए नियुक्त किया गया है, तब से वह केवल दो बार उससे मिल सकी हैं। पहली बार 15 मिनट के लिए और दूसरी बार 10 मिनट के लिए।
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आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल - फोटो : ANI
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विस्तार
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कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर की हत्या के मामले में आरोपी की वकील ने बड़ा दावा किया है। आरोपी संजय रॉय की वकील ने कहा कि वह अदालत में जुर्म कबूल नहीं करेगा। क्योंकि उसे फंसाया गया है। वकील ने कहा कि संजय रॉय एक नागरिक स्वयंसेवक है और डॉक्टर की हत्या के आरोप में प्रेसीडेंसी जेल में बंद हैं। वकील ने बताया कि आरोपी संजय पीड़ित डॉक्टर को नहीं जानता था।

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रॉय की वकील ने बताया कि संजय को फंसाया गया है। उसे फंसाने के लिए सबूत बनाए गए हैं। वकील ने दावा किया कि जब से उन्हें आरोपी रॉय की ओर से केस लड़ने के लिए नियुक्त किया गया है, तब से वह केवल दो बार उससे मिल सकी हैं। पहली बार 15 मिनट के लिए और दूसरी बार 10 मिनट के लिए। उन्होंने कहा कि हम अभियोजन पक्ष के वकीलों की ओर से अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों के आधार पर अपना मामला लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि आरोपी ने पॉलीग्राफ टेस्ट के दौरान भी अपनी बेगुनाही बरकरार रखी।

आरोपी संजय रॉय की वकील ने यह भी कहा कि रॉय अपने दोस्त के पिता की स्वास्थ्य स्थिति का पता लगाने के लिए आरजी कर मेडिकल कॉलेज में सेमिनार हॉल की मंजिल पर गए थे। वह पल्मोनरी विभाग में गए थे। यहां उनके दोस्त के पिता का ऑपरेशन हआ था। इस दौरान उन्होंने सेमिनार हॉल में डॉक्टर को पड़ा देखा था। 
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बता दें कि कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में नौ अगस्त को चिकित्सक का शव मिला था, जिस पर गंभीर चोटों के निशान थे। इस घटना के संबंध में संजय रॉय को अगले दिन गिरफ्तार किया गया था। कलकत्ता हाईकोर्ट ने 13 अगस्त को इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। 

पॉलीग्राफी टेस्ट में किया था निर्दोष होने का दावा
आरोपी संजय रॉय ने पॉलीग्राफी टेस्ट में दावा किया था कि जब वह अस्पताल के सेमिनार हॉल में पहुंचा तो डॉक्टर की मौत हो चुकी थी। खुद को निर्दोष बताते हुए रॉय ने पॉलीग्राफी टेस्ट में कई और दावे किए। आरोपी रॉय टेस्ट के दौरान काफी घबराया हुआ था। सीबीआई ने जब साक्ष्य पेश किए तो आरोपी ने कई बहाने भी बनाए। आरोपी कहा था कि जब उन्होंने डॉक्टर को देखा तो वह मर चुकी थी। डर के चलते वह सेमिनार हॉल से भाग गए। 
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