शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत
- फोटो : ANI
देश में इन दिनों सियासी गर्मी बढ़ी हुई है। विभिन्न राजनैतिक दलों के नेता एक-दूसरे पर जमकर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं। इस बीच, महाराष्ट्र में शिवसेना(यूबीटी) के नेता संजय राउत ने महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे के बेटे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राउत ने कहा कि सीएम शिंदे के बेटे और सांसद श्रीकांत शिंदे एक गैर सरकारी स्वयंसेवी संगठन चलाते हैं। राउत ने आगे सांसद शिंदे के चैरिटी संगठन की आय के स्रोत को लेकर सवाल खड़ा किया। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए इसका दुरुपयोग भी किया गया है। हालांकि एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने इन आरोपों को खारिज किया है। शिवसेना ने यह भी कहा कि श्रीकांत शिंदे के फाउंडेश ने कई उपयोगी और विकास के काम किए हैं।
पीएम मोदी और देवेंद्र फडणवीस को लिखा पत्र
शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत ने फाउंडेशन को लेकर प्रधानमंत्री मोदी और राज्य के गृहमंत्री और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस को एक पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने अपने दावे किए हैं। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में हमारी कोशिश है कि हम ईडी या सीबीआई के जरिए भी केस दर्ज करवाएं।
लगाए गंभीर आरोप
आगे शिवसेना यूबीटी नेता ने आगे यह भी दावा किया कि इस फाउंडेशन की आय के स्रोत और खर्चों की जानकारी आरटीआई के जरिए मांगी गई थी, लेकिन महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर के कार्यालय ने इसका खुलासा नहीं किया। राउत ने आरोप लगाया कि श्रीकांत शिंदे के फाउंडेशन के जरिए 550 करोड़ रुपये खर्च किए गए और गैर-दान वाले कामों के लिए इसका दुरुपयोग किया गया। उन्होंने कहा कि श्रीकांत शिंदे ने अपने फाउंडेशन के सामाजिक कार्यों के बारे में पहले भी अखबारों में कई विज्ञापन प्रकाशित कराए थे। हालांकि, एक महीने पहले जब वकील नितिन सतपुणे ने महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर से फाउंडेशन के दान और व्यय का विवरण मांगा, तो कार्यालय ने ऐसा नहीं किया। उनकी इस शैली से ऐसा लगता है कि चैरिटी कमिश्नर भारी राजनीतिक दबाव में हैं।
शिंदे की शिवसेना ने किया पलटवार
संजय राउत के इन दावों पर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने पलटवार किया है। शिवसेना ने कहा कि भ्रष्टाचार में शामिल राउत श्रीकांत शिंदे फाउंडेशन द्वारा किए गए अच्छे कार्यों को पचा नहीं पा रहे हैं। फाउंडेशन लगातार सामाजिक हित में काम कर रहा है। फाउंडेशन गरीब लोगों को चिकित्सा उपचार और सर्जरी के लिए वित्तीय सहायता भी प्रदान की है। उन्होंने यह भी कहा कि चैरिटी फाउंडेशन ने रायगढ़ जिले के इरशालवाड़ी गांव के बच्चों के शैक्षिक खर्च की जिम्मेदारी ली है, जो भूस्खलन से प्रभावित हुआ था।