पश्चिम बंगाल में उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली में बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बवाल के बीच राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की एक टीम शनिवार को लगातार दूसरे दिन उत्तर 24 परगना के संदेशखाली का दौरा किया।
मिनाक्षी मुखोपाध्याय के नेतृत्व में सीपीआई(एम) की एक प्रतिनिधिमंडल ने भी हिंसाग्रस्त क्षेत्र का दौरा किया। मिनाक्षी के साथ उनके पार्टी के नेता पालस दास भी हां मौजूद थे, उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत की। एडीजी सुप्रतिम सरकार ने भी संदेशखाली का दौरा किया। वहीं तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के प्रतिनिधियों ने भी आज हिंसाग्रस्त क्षेत्र का दौरा किया है।
शुभेंदु अधिकारी बोले संदेशखाली की हालत नंदीग्राम जैसी
भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने संदेशखाली मामले को नंदीग्राम के साथ जोड़ दिया। उन्होंने कहा, "संदेशखाली की हालत नंदीग्राम जैसी है। स्थानीय लोगों ने जमीन हड़पने, वोट लूटने, यौन उत्पीड़न और लोकतंत्र की हत्या के आरोप लगाए हैं।" बता दें कि संदेशखाली के कुछ हिस्सों में सीआरपीसी की धारा 144 अभी भी लागू है।
संदेशखाली में जारी विवाद के बीच भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, "यह साफ है कि वे कुछ छिपा रहे हैं। वे कुछ ऐसा छिपाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसके सामने आने से वे मुश्किल में पड़ सकते हैं। इसलिए किसी को भी वहां जाने की अनुमति नहीं है। केवल टीएमसी के नेता और पुलिस वहां जा सकती है। पुलिस को देख कर जनता आक्रोश में आ रही है, क्योंकि पुलिस की मौजूदगी में यह अत्याचार हुआ है।"
क्या है संदेशखाली विवाद
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में स्थित गांव संदेशखाली इन दिनों भारी विरोध प्रदर्शन का गवाह बन रहा है। दरअसल गांव की महिलाओं ने बीते दिनों आरोप लगाए थे कि टीएमसी नेता शाहजहां शेख और अन्य टीएमसी नेताओं ने उनकी जमीनों पर कब्जा कर लिया और कुछ महिलाओं ने टीएमसी नेताओं पर यौन शोषण के भी आरोप लगाए थे। इसे लेकर संदेशखाली में महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा कार्यकर्ता भी संदेशखाली में प्रदर्शन कर रहे हैं। शाहजहां शेख राशन घोटाले में आरोपी है और बीते दिनों ईडी टीम पर हुए हमले में भी शाहजहां शेख आरोपी है। वहीं बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने भाजपा पर इस मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया है।