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दोस्ती: 6 दिसंबर को भारत आएंगे रूस के राष्ट्रपति पुतिन, दोनों देशों के बीच पहली 2+2 बैठक भी इसी दिन

Fri, 26 Nov 2021 05:24 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Vladimir Putin India Visit: 6 दिसंबर को भारत और रूस के विदेश-रक्षा मंत्री के बीच पहली बार 2+2 बैठक का आयोजन भी किया जाएगा।
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नरेंद्र मोदी- व्लादिमीर पुतिन
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विस्तार
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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 6 दिसंबर को आधिकारिक दौरे पर भारत आएंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि पुतिन 21वें भारत-रूस सालाना समिट में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस समिट का हिस्सा बनेंगे। 
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बताया गया है कि दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच विशेष कूटनीतिक साझेदारी और रिश्तों की बेहतरी को लेकर चर्चा होगी। इसके अलावा वे जी20 से लेकर ब्रिक्स और शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) से लेकर अंतरराष्ट्रीय एजेंडे के तहत किए गए साझा कार्यों की समीक्षा भी करेंगे। 

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, 6 दिसंबर के दिन ही भारत और रूस के विदेश-रक्षा मंत्रियों के बीच दिल्ली में पहली बार 2+2 वार्ता का आयोजन भी किया जाएगा। इस बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु शामिल होंगे। रूस के दोनों बड़े नेता 5 दिसंबर को ही भारत पहुंच जाएंगे।
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इससे पहले भारत में रूसी दूतावास के एक प्रवक्ता ने उम्मीद जताई थी कि दोनों देशों के मंत्री एशिया-प्रशांत क्षेत्र की स्थिति और अफगानिस्तान-सीरिया के घटनाक्रम सहित प्रमुख क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर गहन चर्चा करेंगे। मौजूदा समय में रूस हिंद-प्रशांत को एशिया-प्रशांत ही बुलाता है।

प्रवक्ता ने कहा कि दोनों पक्षों के शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) और रूस-भारत-चीन (आरआईसी) त्रिपक्षीय बैठक में भी विचारों का आदान-प्रदान करने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, "भविष्य में, रूस और भारत के बीच वैकल्पिक तौर पर समय- समय पर इस प्रारूप में वार्ता आयोजित करने का इरादा है।''

गौरतलब है कि भारत फिलहाल अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया समेत कुछ देशों के साथ 2+2 मंत्रिस्तरीय वार्ता करता रहा है, इनमें दोनों देशों के दो-दो मंत्री शामिल होते हैं।

विदेश मंत्रालय ने कहा- भारत की रक्षा खरीद राष्ट्रीय सुरक्षा हितों के तहत

विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत की स्वतंत्र विदेश नीति है और उसकी रक्षा खरीद का मार्गदर्शन राष्ट्रीय सुरक्षा हितों के तहत होता है। विदेश मंत्रालय की यह प्रतिक्रिया रूस से एस-400 मिसाइल प्रतिरक्षा प्रणाली की खरीद को लेकर भारत पर अमेरिकी प्रतिबंध की संभावना को लेकर जतायी जा रही आशंकाओं के बीच सामने आई है। बागची ने संवाददाताओं से यह बात कही। बागची से इस विषय पर भारत की प्रतिक्रिया के बारे में पूछा गया था । उनसे यह भी पूछा गया था कि रूस, भारत और चीन के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान क्या यह मुद्दा उठा।

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अफगानिस्तान को पाक के रास्ते मानवीय सहायता पहुंचाने के लिये रूपरेखा पर काम कर रहे

भारत ने कहा कि वह पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान को गेहूं, जीवन रक्षक दवाओं सहित मानवीय सहायता पहुंचाने की रूपरेखा पर काम कर रहा है। कुछ ही दिन पहले पाकिस्तान ने भारत को अपने क्षेत्र से अफगानिस्तान को मानवीय सहायता पहुंचाने की अनुमति देने की घोषणा की थी ।

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