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Sample of Convicts: आपराधिक प्रक्रिया पहचान एक्ट 2022 अधिसूचित, लिए जा सकेंगे अपराधियों के जैविक नमूने

Mon, 19 Sep 2022 09:42 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

1920 और 2022 दोनों अधिनियम के तहत विरोध करना या डेटा देने से इनकार करना एक लोक सेवक को उसकी ड्यूटी करने से रोकने का अपराध माना जाएगा।
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बायोमैट्रिक डाटा - फोटो : Social Media
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विस्तार
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गृह मंत्रालय ने सोमवार को आपराधिक प्रक्रिया (पहचान) अधिनियम 2022 के तहत नियमों को अधिसूचित किया जो पुलिस को दोषियों और अपराधों के आरोपियों के शारीरिक और जैविक नमूने प्राप्त करने का अधिकार देता है। आपराधिक मामलों में जांच के लिए दोषियों और बंदियों के भौतिक और जैविक नमूने प्राप्त करने के लिए पुलिस को कानूनी मंजूरी प्रदान करने के अलावा कानून किसी मजिस्ट्रेट को किसी अपराध की जांच में सहायता के लिए किसी व्यक्ति की मैपिंग या तस्वीरें लेने का आदेश देने का भी अधिकार देता है।

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पुलिस अधिकारी या केंद्र या राज्य सरकार के जेल अधिकारी ले सकते हैं सैंपल
नियमों के अनुसार, कोई पुलिस अधिकारी या केंद्र या राज्य सरकार का जेल अधिकारी - उंगलियों के निशान, हथेली के निशान, पैरों के निशान, फोटो, आईरिस रेटिना स्कैन, भौतिक, जैविक नमूने और उनका विश्लेषण, व्यवहार संबंधी विशेषताएं, जिसमें हस्ताक्षर, लिखावट जैसे माप ले सकता है। अधिकृत व्यक्ति या माप लेने में कुशल कोई भी व्यक्ति या पंजीकृत डॉक्टर या इसी तरह का अधिकृत कोई अन्य व्यक्ति किसी आपराधिक मामले में गिरफ्तार व्यक्ति की मैपिंग कर सकता है बशर्ते पुलिस अधीक्षक रैंक के अधिकारी से अनुमोदन लिया हो।  यह अधिनियम कैदियों की पहचान अधिनियम, 1920 की जगह लेता है। 1920 और 2022 दोनों अधिनियम के तहत विरोध करना या डेटा देने से इनकार करना एक लोक सेवक को उसकी ड्यूटी करने से रोकने का अपराध माना जाएगा।

नियमों में कहा गया है कि धारा 144 या धारा 145 के तहत जारी किसी भी निषेधाज्ञा के उल्लंघन या दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) की धारा 151 के तहत गिरफ्तार किए गए किसी भी व्यक्ति की मैपिंग तब तक नहीं ली जाएगी जब तक कि ऐसे व्यक्ति पर आरोप नहीं लगाया जाता है। राज्यसभा में कानून पर बहस में भाग लेते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि राजनीतिक बंदियों का बायोमेट्रिक डेटा एकत्र नहीं किया जाएगा और प्रस्तावित कानून ब्रेन मैपिंग और पॉलीग्राफ परीक्षणों को इसके दायरे से बाहर कर देगा। रत सरकार को नियम बनाने का अधिकार है। हम इसे परिभाषित करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि राजनीतिक आंदोलन में शामिल कोई भी व्यक्ति केवल राजनीतिक आंदोलन के लिए (भौतिक और बायोमेट्रिक) माप न दे।
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शाह ने कहा था कि लेकिन अगर किसी राजनीतिक नेता को आपराधिक मामले में गिरफ्तार किया जाता है, तो उसे एक नागरिक के बराबर होना होगा। कई विपक्षी दलों ने कानून को असंवैधानिक और कठोर बताया है और दावा किया है कि इसका दुरुपयोग किया जा सकता है।

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