जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही आम लोगों की हत्याओं ने सरकार की चिंताओं को बढ़ा दिया है। आम लोगों के डर को भगाने के लिए भारतीय सेना भी ऑपरेशन चला रही है। सिर्फ अक्तूबर में ही घाटी में 11 नागरिक मारे गए। इसे लेकर आरएसएस नेता राम माधव ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी डर फैलाने के लिए नए हथकंडे अपना रहे हैं क्योंकि वे केंद्र शासित प्रदेश में सरकार की सफलता से चकित हैं।
घाटी में तेजी से बढ़े नागरिकों पर हमले पर राम माधव ने टिप्पणी की। राम माधव ने अपनी नई किताब "द हिंदुत्व प्रतिमान: एकात्म मानववाद और एक गैर-पश्चिमी विश्वदृष्टि की खोज" पर चर्चा की। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए कहा कि पिछले तीन-चार वर्षों में जम्मू-कश्मीर में कई सकारात्मक बदलाव हुए हैं।
उन्होंने कहा कि 30 साल पहले विस्थापित हुए कश्मीरी पंडितों को वापस लाया जा रहा है और उनमें से लगभग 3,000 को नौकरी की पेशकश की गई है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विशेष प्रयास किए गए हैं। इन सब के कारण, विकास कार्यों में तेजी आई है।
साथ ही माधव ने दावा किया कि पाकिस्तान में आतंकवादी और उनके आका केंद्र सरकार की सफलता से भ्रमित हैं और सड़क पर निर्दोषों को मारने के लिए नशेड़ी जैसे तत्वों को हथियार देकर भय फैलाने की कोशिश में लगे हैं और नए हथकंडे अपना रहे हैं।
माधव ने कहा कि हम इसे खुफिया विफलता या सरकार की विफलता के रूप में नहीं ले सकते हैं। बल्कि, ये आतंकवादी केंद्र सरकार की सफलता को लेकर एक नए प्रकार का भय पैदा कर रहे हैं। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि कि आतंकवाद का यह चरण जल्द ही एक नई सुरक्षा व्यवस्था के साथ समाप्त हो जाएगा।