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Ritu Raj: रितु राज अवस्थी ने विधि आयोग के अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा, लोकपाल सदस्य के रूप में ली शपथ

Wed, 27 Mar 2024 11:27 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

न्यायमूर्ति रितु राज अवस्थी ने हिजाब पर फैसला सुनाने वाली कर्नाटक उच्च न्यायालय की पीठ का नेतृत्व किया था। न्यायमूर्ति अवस्थी ने नवंबर 2022 में भारत के विधि आयोग के अध्यक्ष के रूप में अपना कार्यकाल ग्रहण किया था।
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रितु राज अवस्थी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विधि आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति रितु राज अवस्थी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। 17 महीने के कार्यकाल के बाद उन्होंने मंगलवार को कानून एवं न्याय मंत्रालय को अपना इस्तीफा सौंपा। इसके बाद जस्टिस रितु राज अवस्थी, पंकज कुमार, अजय तिर्की ने लोकपाल सदस्य के रूप में शपथ ली।

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कार्मिक मंत्रालय ने इस बाबत आदेश भी जारी कर दिया है। इसमें बताया गया है कि लोकपाल अध्यक्ष न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर ने विधि आयोग के पूर्व प्रमुख न्यायाधीश रितु राज अवस्थी के साथ पूर्व नौकरशाह पंकज कुमार और अजय तिर्की को दिल्ली स्थित कार्यालय में शपथ दिलाई।
 
हिजाब पर फैसला सुनाने वाली उच्च न्यायालय की पीठ का किया था नेतृत्व
न्यायमूर्ति रितु राज अवस्थी ने हिजाब पर फैसला सुनाने वाली कर्नाटक उच्च न्यायालय की पीठ का नेतृत्व किया था। इसी को लेकर वह उस समय काफी सुर्खियों में छाए हुए थे। न्यायमूर्ति अवस्थी ने नवंबर 2022 में भारत के विधि आयोग के अध्यक्ष के रूप में अपना कार्यकाल ग्रहण किया था। उस समय केरल उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति केटी शंकरन, प्रो. आनंद पालीवाल, प्रो. डीपी वर्मा, प्रो. (डॉ.) राका आर्य और श्री एम करुणानिधि को विधि आयोग का सदस्य नियुक्त किया गया था। 
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बता दें, भारत के राष्ट्रपति ने हाल ही में न्यायमूर्ति लिंगप्पा स्वामी, न्यायमूर्ति संजय यादव और न्यायमूर्ति ऋतु राज अवस्थी को लोकपाल के न्यायिक सदस्यों के रूप में नियुक्त किया है।

आइए जानते हैं रितु राज अवस्थी के बारे में-

  • तीन जुलाई 1960 को जन्मे मुख्य न्यायाधीश रितु राज अवस्थी ने 1986 में लखनऊ विश्वविद्यालय से कानून में स्नातक की उपाधि प्राप्त की।
  • इसके बाद, उन्होंने एक फरवरी, 1987 को एक वकील के रूप में नामांकन किया। 
  • रितु राज ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के लखनऊ खंडपीठ में सिविल, सेवा और शैक्षिक मुकदमेबाजी में अभ्यास किया।
  • इसके बाद, उन्हें न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत होने से पहले भारत का सहायक सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किया गया।
  • 13 अप्रैल, 2009 में वह इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत हुए।
  • बाद में 24 दिसंबर, 2010 को उन्होंने स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ली।
  • 11 अक्टूबर, 2021 को उन्हें कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया।
  • रितु राज अवस्थी दो जुलाई 2022 में इस पद से सेवानिवृत्त हुए थे।

पंकज कुमार गुजरात कैडर में 1986 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के पूर्व अधिकारी हैं। वह गुजरात के मुख्य सचिव के रूप में कार्य कर चुके हैं। टिर्की मध्य प्रदेश कैडर के 1987 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। लोकपाल सदस्य के रूप में नामित होने से पहले उन्होंने भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग के सचिव के रूप में कार्य किया। 

लोकपाल में चार न्यायिक सदस्य
गौरतलब है, लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 के अनुसार संगठन में एक अध्यक्ष और आठ अन्य सदस्य होते हैं और उन आठ सदस्यों में से चार न्यायिक सदस्य होते हैं जो सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश या उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश होते हैं। हाल ही में, सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एएम खानविलकर को लोकपाल का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। 

कौन हैं खानविलकर?

न्यायमूर्ति खानविलकर जुलाई 2022 में शीर्ष अदालत से सेवानिवृत्त हुए थे। राष्ट्रपति भवन की एक विज्ञप्ति के मुताबिक, राष्ट्रपति ने उच्च न्यायालयों के पूर्व न्यायाधीशों लिंगप्पा नारायण स्वामी, संजय यादव और ऋतु राज अवस्थी को लोकपाल के न्यायिक सदस्य के रूप में भी नियुक्त किया है।  

 

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