देश आज 72वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। भारत ने गणतंत्र दिवस परेड के दौरान पहली बार राफेल लड़ाकू विमानों की उड़ान के साथ टी-90 टैंकों, समविजय इलेक्ट्रॉनिक युद्धक प्रणाली, सुखोई-30 एमके आई लड़ाकू विमानों समेत अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया। देश की राजधानी दिल्ली के राजपथ पर भारतीय सेना ने दुनिया को अपनी ताकत दिखाई है।
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गणतंत्र दिवस की परेड में राजपथ पर 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की झांकियों, रक्षा मंत्रालय की छह झांकियों अन्य केंद्रीय मंत्रालयों और अर्द्धसैनिक बलों की नौ झांकियों समेत 32 झांकियों में देश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, आर्थिक उन्नति और सैन्य ताकत की आन बान शान नजर आई।
सेना ने इन हथियारों का दिखाया दमखम
राजपथ पर परेड के दौरान थल सेना ने अपने मुख्य जंगी टैंक टी-90 भीष्म, इनफैन्ट्री कॉम्बैट वाहन बीएमपी-दो सरथ, ब्रह्मोस मिसाइल की मोबाइल प्रक्षेपण प्रणाली, रॉकेट सिस्टम पिनाका, इलेक्ट्रॉनिक युद्धक प्रणाली समविजय समेत अन्य का दमखम दिखाया।इस साल गणतंत्र दिवस की परेड में नौसेना ने अपने पोत आईएनएस विक्रांत और 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान नौसैन्य अभियान की झांकी पेश की।
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भारतीय वायु सेना ने हल्के लड़ाकू विमान तेजस और देश में विकसित टैंक रोधी निर्देश मिसाइल ध्रुवास्त्र पर प्रस्तुति पेश की। राफेल लड़ाकू विमान पहली बार परेड में अपना दम दिखाया। राफेल समेत वायु सेना के 38 विमान और भारतीय थल सेना के चार विमान मंगलवार को उड़ान भरे और राजपथ पर अपने जौर दिखाए। परेड के समय रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) की इस बार दो झांकी हुई।
इस बार 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में -गुजरात, असम, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, पंजाब, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, उत्तरप्रदेश, कर्नाटक, केरल, आंध्रप्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, दिल्ली और लद्दाख की झांकी पेश की गई।