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GCTF: साइबर सुरक्षा के मुद्दे पर संयुक्त कार्यशाला, भारत-अमेरिका-ताइवान के प्रतिनिधियों ने कही ये बात

Mon, 11 Dec 2023 07:53 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने कहा कि अमेरिका साइबर सुरक्षा बढ़ाने और डिजिटल क्षेत्र में हमारे साझा हितों की रक्षा के लिए भारत और ताइवान जैसे भागीदारों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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साइबर सुरक्षा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वैश्विक सहयोग और प्रशिक्षण ढांचे के तहत बुलाई गई संयुक्त कार्यशाला में अमेरिका, भारत, ताइवान के प्रतिनिधियों ने साइबर सुरक्षा के मुद्दे पर विचार विमर्श किया। 
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अमेरिकी दूतावास द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी, भारत में ताइवान के प्रतिनिधि बौशुआन गेर और भारत के पूर्व राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा समन्वयक लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पंत, यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूशन ऑफ इंडिया ने कार्यक्रम की सह मेजबानी की है। ताइवान और अमेरिका ने वैश्विक मुद्दों को संबोधित करने के लिए ताइवान की ताकत और विशेषज्ञता का उपयोग करने के लिए एक मंच, जीसीटीएफ की स्थापना के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

अमेरिकी राजदूत ने कहा कि हम मिलकर काम कर रहे 
अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने कहा कि अमेरिका साइबर सुरक्षा बढ़ाने और डिजिटल क्षेत्र में हमारे साझा हितों की रक्षा के लिए भारत और ताइवान जैसे भागीदारों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत में ताइवान के प्रतिनिधि ने वैश्विक चिंता के मुद्दों के समाधान के लिए ताइवान की ताकत और विशेषज्ञता का उपयोग करने के लिए एक मंच के रूप में जीसीटीएफ के महत्व पर प्रकाश डाला।
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जनरल पंत बोले, साइबर सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा का एक प्रमुख हिस्सा
वहीं लेफ्टिनेंट जनरल पंत ने कहा कि 800 मिलियन से अधिक इंटरनेट उपयोगकर्ताओं और 1.2 बिलियन स्मार्टफोन वाले भारत के लिए साइबर सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा का एक प्रमुख हिस्सा है। बता दें 2015 में अपनी शुरुआत के बाद से जीसीटीएफ ने सार्वजनिक स्वास्थ्य, आपूर्ति श्रृंखला, मानवीय सहायता, डिजिटल स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रीय मुद्दों जैसे विषयों पर विशेषज्ञों के बीच संबंध मजबूत करने के लिए 120 से अधिक देशों की भागीदारी के साथ 70 अंतरराष्ट्रीय कार्यशालाएं आयोजित की है।
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