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Report: भारत ने अंतरिक्ष क्षेत्र में किया 13 अरब अमेरिकी डॉलर निवेश, रिपोर्ट में दावा- GDP में चार गुना इजाफा

Fri, 23 Aug 2024 10:31 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय अंतरिक्ष राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का सामाजिक-आर्थिक प्रभाव नामक रिपोर्ट जारी की। उन्होंने कहा कि भारत फंडिंग के मामले में दुनिया का आठवां सबसे बड़ा अंतरिक्ष राष्ट्र है। इस क्षेत्र में तेजी से स्टार्ट अप विकसित हुए हैं। 
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केंद्रीय अंतरिक्ष राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह। - फोटो : ANI
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विस्तार
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अंतरिक्ष क्षेत्र में लगातार हो रहा भारत का निवेश अच्छी खबर लेकर आया है। वैश्विक फर्म नोवा स्पेस ने एक रिपोर्ट में दावा किया है कि बीते एक दशक में भारत ने अंतरिक्ष क्षेत्र में 13 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश किया। इससे भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में करीब चार गुना से ज्यादा 60 अरब अमेरिकी डॉलर का इजाफा हुआ। 

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केंद्रीय अंतरिक्ष राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का सामाजिक-आर्थिक प्रभाव नामक रिपोर्ट जारी की। उन्होंने कहा कि भारत फंडिंग के मामले में दुनिया का आठवां सबसे बड़ा अंतरिक्ष राष्ट्र है। इस क्षेत्र में तेजी से स्टार्ट अप विकसित हुए हैं। 

नोवा स्पेस के कार्यकारी सलाहकार स्टीव बोचिंगर ने कहा कि भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र ने पिछले एक दशक प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष रूप से सकल घरेलू उत्पाद में 60 अरब डॉलर का योगदान दिया है। इससे 47 लाख नौकरियां सृजित हुईं। साथ ही सार्वजनिक और निजी क्षेत्र में 96,000 लोगों को सीधे रोजगार मिला। उन्होंने कहा कि इसरो ने नोवास्पेस को अंतरिक्ष अभियानों के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव पर एक रिपोर्ट तैयार करने का जिम्मा सौंपा था।
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बोचिंगर ने कहा कि भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में अनुमानित राजस्व 3.8 अरब अमेरिकी डॉलर था, जो 2023 में बढ़कर 6.3 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। उन्होंने कहा कि भारत में अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था द्वारा उत्पन्न प्रत्येक डॉलर अप्रत्यक्ष और प्रेरित लाभ के बाद 2.54 अमेरिकी डॉलर में बदल जाता है। रिपोर्ट में कहा गया कि इसरो रोजाना आठ लाख मछुआरों की मदद करता है। साथ ही 1.4 अरब भारतीयों को उपग्रह आधारित मौसम पूर्वानुमानों का लाभ देता है। 

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत का लक्ष्य 2035 तक भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (बीएएस) को चालू करना और 2040 तक भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर उतारना है। अगले साल लो अर्थ ऑर्बिट में मानव अंतरिक्ष उड़ान स्वदेशी अंतरिक्ष स्टेशन पर भारत की वैज्ञानिक गतिविधियों का विस्तार करने के लिए पहला कदम होगा।

भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (INSPACe) के अध्यक्ष पवन कुमार गोयनका ने कहा कि केंद्र ने स्टार्ट-अप के लिए एक सीड फंड योजना शुरू की है। साथ ही अंतरिक्ष क्षेत्र के उद्यमियों के लिए सिमुलेशन सॉफ्टवेयर के साथ एक डिजाइन लैब की स्थापना भी की है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अंतरिक्ष स्टार्ट-अप के लिए 1,000 करोड़ रुपये के बजट का एलान किया हैद्ध 

सैटकॉम इंडिया एसोसिएशन इंडिया के अध्यक्ष सुब्बा राव ने कहा कि भारत अंतरिक्ष नीति और न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड के गठन, सरकार की प्रगतिशील नीतियों ने भारतीय निजी कंपनियों को सक्रिय रूप से प्रोत्साहित किया है। हालांकि फंडिंग और बुनियादी ढांचे जैसी चुनौतियां मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि निरंतर सरकारी समर्थन और निजी निवेश के साथ भारत में वैश्विक अंतरिक्ष नेता के रूप में उभरने की क्षमता है।
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