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Pollution: कैसे बचेगी आपकी जान, सुरक्षित सीमा से चार गुना हुआ प्रदूषण, रेड लाइट कैंपेन कितनी होगी मददगार

Thu, 26 Oct 2023 06:47 PM IST
कुमार विवेक डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला

सार

Pollution: प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने कई स्तरों पर कार्य योजना तैयार की है। आज भी 'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' कैंपेन की शुरुआत की गई है। सरकार के मंत्री गोपाल राय ने कहा है कि इससे प्रदूषण के स्तर में कमी लाने में मदद मिलेगी।
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दिल्ली वायु प्रदूषण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर 400 अंक की सीमा को पार कर चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पीएम 2.5 का 100 अंक (माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर) की अधिकतम सीमा को ही सुरक्षित बताया है। यानी दिल्लीवासी चार गुना अधिक वायु  प्रदूषण में सांस ले रहे हैं जो उनके लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। इस समय प्रदूषण का स्तर कुछ कम हुआ है, लेकिन अनुमान है कि ठंड बढ़ने के साथ ही प्रदूषण में बढ़ोतरी होगी।

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प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने कई स्तरों पर कार्य योजना तैयार की है। आज भी 'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' कैंपेन की शुरुआत की गई है। सरकार के मंत्री गोपाल राय ने कहा है कि इससे प्रदूषण के स्तर में कमी लाने में मदद मिलेगी। एक आंकड़े के अनुसार वाहनों के कारण 10 प्रतिशत से 36 प्रतिशत तक प्रदूषण होता है। यदि रेड लाइट पर लोग वाहनों को बंद करें तो इससे वाहनों से होने वाले प्रदूषण में नौ प्रतिशत तक की कमी लाई जा सकती है।  

वाहनों की संख्या
दिल्ली इकोनॉमिक सर्वे 2022-23 के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021-22 में राजधानी में कुल वाहनों की संख्या लगभग 1.22 करोड़ है। इसमें कारें 28 प्रतिशत और दोपहिया वाहन 67 प्रतिशत शामिल हैं। राजधानी में सड़कों का जाल किसी भी दूसरे मेट्रो शहर से अधिक है जो  लगभग 33 हजार किलोमीटर तक हो चुका है, लेकिन वाहनों की भारी संख्या के कारण प्रदूषण और ट्रैफिक की समस्या गंभीर बनी हुई है। पड़ोसी राज्यों से प्रतिदिन आने वाले लाखों वाहन इस समस्या को और ज्यादा गंभीर बना देते हैं।          
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मेट्रो-बस सेवा का विस्तार वांछित
दिल्ली मेट्रो की वेबसाइट के अनुसार राजधानी में मेट्रो सेवाओं का विस्तार 393 किलोमीटर दूरी तक हो चुका है। इसके लिए 12 लाइन पर 288 मेट्रो स्टेशन स्थापित किए गए हैं। परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि मेट्रो जैसी सुलभ-सार्वजनिक सेवाओं के विस्तार से प्रदूषण के साथ-साथ ट्रैफिक की समस्या कम करने में मदद मिलती है।

दिल्ली में डीटीसी, क्लस्टर और ई बसों को मिलाकर इस समय लगभग 7.5 हजार बसें संचालित की जा रही हैं। लगभग 400 ई-बसें इस समय दिल्ली की सड़कों पर चल रही हैं जिसे इस वर्ष के अंत तक बढ़ाकर 1800 तक किया जाना है। दिल्ली के 40 बस डिपो में 10 को पूरी तरह इलेक्ट्रीफाइड किया जा चुका है, जबकि 2025 तक लगभग आधे को इलेक्ट्रीफाइड करने का लक्ष्य है। इलेक्ट्रिक वाहनों, बसों के आने से वाहनों से निर्गत प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी।

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