कोविड प्रभावित झुग्गीवासियों, किसानों की सहायता के नाम पर ली धनराशि ये फंड कोविड-19 से प्रभावित हुए झुग्गी-बस्ती में रहने वालों और असम, बिहार, महाराष्ट्र के किसानों की सहायता के लिए जुटाया गया था। अयूब ने यह धनराशि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से अपने पिता एवं बहन के खातों में जमा की और बाद में व्यक्तिगत खातों में हस्तांतरित कर दी।
सार्वजनिक रूप से जुटाए गए 2.69 करोड़ रुपये का इस्तेमाल करने और विदेशी अंशदान कानून का उल्लंघन करने के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पत्रकार राणा अयूब के खिलाफ पीएमएलए (मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत आरोप पत्र दाखिल किया है। ईडी के अनुसार, राणा अयूब ने अप्रैल, 2020 से ‘केटो प्लेटफॉर्म’ के जरिये तीन चैरिटी अभियानों के नाम पर कुल 2,69,44,680 रुपये एकत्रित किए।
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कोविड प्रभावित झुग्गीवासियों, किसानों की सहायता के नाम पर ली धनराशि ये फंड कोविड-19 से प्रभावित हुए झुग्गी-बस्ती में रहने वालों और असम, बिहार, महाराष्ट्र के किसानों की सहायता के लिए जुटाया गया था। अयूब ने यह धनराशि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से अपने पिता एवं बहन के खातों में जमा की और बाद में व्यक्तिगत खातों में हस्तांतरित कर दी। अयूब ने कुल फंड में से 50 लाख रुपये अपने सावधि जमा (एफडी) में रखे और 50 लाख रुपये एक नए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। मात्र 29 लाख रुपये का उपयोग राहत कार्यों में किया गया। राहत कार्य के लिए अधिक खर्च दिखाने के लिए अयूब ने फर्जी बिल जमा कराए।
1.77 करोड़ की राशि की गई कुर्क
निदेशालय ने बताया कि अयूब के खातों में 1,77,27,704 रुपये (50 लाख रुपये की एफडी सहित) की राशि पीएमएलए के तहत कुर्क की गई। ईडी ने अयूब पर अवैध रूप से 2.69 करोड़ रुपये जुटाने और आम लोगों को धोखा देने के आरोप लगाए हैं। इसके अलावा विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम, 2010 के तहत अनिवार्य सरकारी मंजूरी के बिना विदेशों से भी धन प्राप्त किया।
गाजियाबाद पुलिस ने मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य अनियमितताओं को लेकर सितंबर, 2021 में एफआईआर दर्ज की थी।