Ramoji Rao Death: मनोनीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अपनी पेशेवर उपलब्धियों से परे रामोजी राव भारत के विकास के प्रति जुनूनी थे। उनके प्रयासों ने न्यूजरूम से आगे बढ़कर शैक्षिक, सामाजिक, व्यावसायिक और सामाजिक मुद्दों पर प्रभाव डाला।
लगातार तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बनने जा रहे नरेंद्र मोदी ने रामोजी राव के निधन के बहाने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार ने तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के संस्थापक एनटी रामा राव को परेशान किया तो राव ने सरकार के अलोकतांत्रिक प्रयासों का विरोध किया था। 1980 के दशक में उनकी सरकार को बर्खास्त कर दिया गया।
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'कांग्रेस के अलोकतांत्रिक प्रयासों का किया विरोध'
मोदी ने रामोजी राव के निधन पर शोक जताते हुए ईनाडु में एक लेख प्रकाशित किया। इसके बाद उन्होंने इस लेख के अंग्रेजी संस्करण को अपनी वेबसाइट पर पोस्ट किया। लेख में उन्होंने कहा, 'वह (रामोजी राव) लोकतांत्रिक सिद्धातों में मजबूती से भरोसा रखते थे और यह लड़ाई की भाव उस समय सबसे अच्छी तरह देखी गई जब कांग्रेस पार्टी ने एनटीआर को परेशान किया और उनकी सरकार को अनौपचारिक रूप से बर्खास्त कर दिया उस समय केंद्र और आंध्र प्रदेश में कांग्रेस सत्ता में थी। लेकिन वह डरने वालों में नहीं थे। उन्होंने इन अलोकतांत्रिक प्रयासों का जी-जान से विरोध किया।' राव का रविवार को हैदराबाद में अंतिम संस्कार किया गया।
'भारत के विकास के लिए जुनूनी थे रामोजी राव'
लेख में आगे कहा गया है कि अपनी पेशेवर उपलब्धियों से परे रामोजी राव भारत के विकास के प्रति जुनूनी थे। उनके प्रयासों ने न्यूजरूम से आगे बढ़कर शैक्षिक, सामाजिक, व्यावसायिक और सामाजिक मुद्दों पर प्रभाव डाला। मोदी ने कहा कि केंद्र और आंध्र प्रदेश में जल्द ही बनने वाली एनडीए की सरकारें राष्ट्र और समाज के लिए राव के दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए काम करती रहेंगी।
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उन्होंने आगे कहा, मुझे भरोसा है कि उन्हें यह देखकर खुशी होगी कि केंद्र में हो या मेरे मित्र चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में आंध्र प्रदेश में हमारी सरकारें शपथ ग्रहण कर रही हैं। हम अपने राष्ट्र और समाज के लिए उनके दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए काम करते रहेंगे।