इस्लामिक विद्वान समीउल्लाह खान ने बताया कि जलगांव जामोद पुलिस स्टेशन में पैगंबर का अपमान करने और नफरत फैलाने पर धार्मिक नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने हिंदू संत की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
नासिक के सिन्नर स्थित पंचाले गांव में भड़काऊ टिप्पणी करने के मामले में धार्मिक नेता के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज की गई है। इसके साथ ही सरकार से गिरफ्तारी की मांग की गई है। महंत रामगिरि महाराज ने प्रवचन के दौरान कथित तौर पर विवादित बयान दिया था। आरोप है कि रामगिरि महाराज ने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ टिप्पणी की थी। इससे मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई। इसी के विरोध में संभाजीनगर और अहमदनगर में सैकड़ों की भीड़ ने विरोध प्रदर्शन किया था।
विज्ञापन
पुलिस अधिकारी ने बताया कि रामगिरि महाराज के खिलाफ मुंबई और नासिक, छत्रपति संभाजीनगर, पुणे और ठाणे के अलावा, बुलढाणा जिले के जलगांव जामोद, माहिम, पाइधोनी पुलिस स्टेशन में भी मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इस्लामिक विद्वान समीउल्लाह खान ने बताया कि जलगांव जामोद पुलिस स्टेशन में पैगंबर का अपमान करने और नफरत फैलाने पर धार्मिक नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने हिंदू संत की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
उन्होंने कहा कि हम पैगंबर मोहम्मद की गरिमा पर हमले पर चुप नहीं बैठेंगे। अगर उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया तो राज्य और देश भर में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। मोदी सरकार को जवाब देना चाहिए कि भारत में ऐसे संवेदनशील अपराध क्यों बढ़ रहे हैं।
विज्ञापन
ठाणे में मौलाना साजिद-उल-रहमान की शिकायत पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, दुश्मनी को बढ़ावा देने, शांति भंग करने और आपराधिक धमकी देने के तहत मामला दर्ज किया गया। हालांकि मामले में रामगिरि महाराज ने कहा कि बांग्लादेश में रह रहे हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के संदर्भ में उन्होंने वह टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा, 'एकमात्र मकसद यह था कि हिंदुओं को एकजुट होना चाहिए। अब, जो कुछ भी हो सकता है, मैं उसका सामना करूंगा। अगर कोई मामला दर्ज किया गया है, तो मुझे जब भी नोटिस मिलेगा, मैं देखूंगा।