रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट मामले में केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने विवादास्पद टिप्पणी की थी। उन्होंने दावा किया था कि ब्लास्ट में शामिल संदिग्ध तमिलनाडु का रहने वाला है। उन्होंने कहा था कि बम बलास्ट के आरोपी तमिलनाडु के कृष्णागिरी जंगलों में प्रशिक्षित किए गए थे।
रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट मामले में दिए गए बयान पर माफी मांगने के बाद मद्रास हाईकोर्ट ने केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे के खिलाफ दर्ज मुकदमे को रद्द कर दिया है। तमिलनाडु सरकार के मामले में आगे न कार्रवाई न करने की जानकारी देने बाद हाईकोर्ट ने आदेश यह दिया। न्यायाधीश जी जयचंद्रन ने कहा कि तमिलनाडु सरकार मामले को आगे बढ़ाना नहीं चाहती है। हमने करंदलाजे के माफी वाले हलफनामे को स्वीकार करते हुए मामले को रद्द करने का नीतिगत निर्णय लिया है।
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रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट मामले में केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने विवादास्पद टिप्पणी की थी। उन्होंने दावा किया था कि ब्लास्ट में शामिल संदिग्ध तमिलनाडु का रहने वाला है। उन्होंने कहा था कि बम बलास्ट के आरोपी तमिलनाडु के कृष्णागिरी जंगलों में प्रशिक्षित किए गए थे। उनकी इस टिप्पणी की काफी आलोचना हुई थी। जिसके बाद अदालत ने मंत्री से सवाल किया था कि उन्होंने किस आधार पर यह टिप्पणी की थी। मामले में केंद्रीय मंत्री ने मद्रास उच्च न्यायालय के समक्ष एक हलफनामा दायर कर तमिलनाडु के लोगों से माफी मांगी थी।
मंत्री ने अपने हलफनामे में कहा था कि बंगलूरु में रामेश्वरम कैफे बम विस्फोट मामले में मीडिया को संबोधित करते समय तमिलनाडु के लोगों के बारे में मेरे द्वारा की गई टिप्पणी, तमिलनाडु के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के किसी इरादे के बिना की गई थी। इसलिए, मैं एक बार फिर तमिलनाडु के लोगों से अपनी टिप्पणियों से किसी को ठेस पहुंचाने के लिए माफी मांगती हूं। कृपया इसे न्याय के हित में रिकॉर्ड पर लिया जाए।
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रामेश्वर कैफे में क्या हुआ था?
एक मार्च को बंगलूरु के ब्रुकफील्ड क्षेत्र स्थित रामेश्वरम कैफे में आइईडी से विस्फोट किया गया था। विस्फोट में दस लोग घायल हो गए थे। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने (NIA) ने इस मामले में 7 राज्यों में 17 ठिकानों पर छापे मारे हैं। एनआईए ने चेन्नई से 5 लोगों को हिरासत में लिया है। इस ब्लास्ट का मास्टरमाइंड जुनैद नाम का शख्स बताया जा रहा है। NIA की टीम जुनैद को छानबीन के लिए बंगलूरु सेंट्रल जेल भी गई थी।