आज राज्यसभा विशेषाधिकार समिति की बैठक बुलाई की गई। जिसमें राघव चड्ढा से जुड़े मामलों समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। कमेटी ने राघव चड्ढा से 7 नवंबर तक रिपोर्ट मांगी है। बैठक के दौरान सदस्यों ने विशेषाधिकार हनन के मामलों में समिति की रिपोर्ट पर शीघ्र कार्रवाई करने और उसे अंतिम रूप देने की मांग की। रिपोर्ट काउंसिल ऑफ स्टेट्स के सामने पेश की जाएगी। राज्यसभा विशेषाधिकार समिति की अगली बैठक 8 नवंबर को दोबारा बुलाई गई है।
क्या है राघव चड्ढा का मामला
राज्यसभा में बीते 11 अगस्त को सदन के नेता पीयूष गोयल ने एक प्रस्ताव पेश किया था। प्रस्तावित चयन समिति में कुछ सदस्यों के नाम उनकी सहमति के बिना शामिल करने के लिए आप नेता राघव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। राज्यसभा से प्रस्ताव पारित होने के बाद चड्ढा को विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट लंबित रहने तक "नियमों के घोर उल्लंघन, कदाचार, उद्दंड रवैया और अवमाननापूर्ण आचरण" के लिए मानसून सत्र के आखिरी दिन निलंबित कर दिया गया था।
संसद के पूरे मानसून सत्र के लिए निलंबित हैं संजय सिंह
वहीं, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह की भी मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। उन्हें राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ द्वारा संसद के पूरे मानसून सत्र के लिए निलंबित किया गया है। राज्यसभा की ओर से पहले कहा जा चुका है कि विशेषाधिकार समिति की जांच तक संजय सिंह राज्यसभा से निलंबित रहेंगे।
संजय सिंह के निलंबन का मामला क्या है
दरअसल, राज्यसभा के नेता पीयू गोयल ने संजय सिंह को निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया था। इसे ध्वनिमत से पास किया गया था। संजय सिंह को अमर्यादित व्यवहार के कारण निलंबित किया गया है। विपक्ष मणिपुर के मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बयान की मांग रहा था। तभी सभापति धनखड़ ने कहा कि इस पर प्रश्न काल में चर्चा की जाएगी। हालांकि, प्रश्न काल कुछ ही मिनटों तक चला। इसके बाद संजय सिंह सभापति की कुर्सी के नजदीक पहुंच गए। सभापति ने उन्हें वापस जाने को कहा, लेकिन वो अड़े रहे। बाद में पीयूष गोयल ने उन्हें निलंबित करने का प्रस्ताव रखा था।
टीएमसी सांसद ब्रायन को भी किया गया है निलंबित
वहीं, आठ अगस्त को राज्यसभा में मणिपुर को लेकर चर्चा चल रही थी। इसी बीच डेरेक ओ ब्रायन खड़े होकर कहने लगे कि मणिपुर पर चर्चा होनी चाहिए। सभापति धनखड़ ने उन्हें शांत रहने के लिए कहा, लेकिन वो अपनी बात पर अड़े रहे। इससे सभापति नाराज हो गए और उन्हें डांते हुए बैठने को कहा। इसके बावजूद ब्रायन चुप नहीं हुए तो सभापति अपनी सीट से खड़े हुए। इसके बाद अमर्यादित व्यवहार के लिए उन्हें बाकी बचे पूरे सत्र के लिए निलंबित किया गया।