राज्यसभा चुनाव के रिजल्ट आने के बाद अब उच्च सदन में एनडीए का दबदबा बढ़ गया है। हालांकि 240 सदस्यीय वाले सदन में बहुमत के आंकड़े 121 से अभी भी एनडीए महज चार कदम पीछे है। फिलहाल भाजपा राज्यसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनी हुई है। पार्टी के राज्यसभा में 97 सदस्य हैं, इनमें 6 नामांकित सांसद भी शामिल हैं।
अप्रैल में रिक्त होने वाली 56 राज्यसभा सीटों में से भाजपा ने 27 फरवरी को हुए चुनाव में 30 सीटों पर जीत हासिल की है। इनमें से पार्टी ने 20 पर निर्विरोध और 10 सीट पर वोटिंग के बाद जीत हासिल की है। इसके साथ ही राज्यसभा में भाजपा की संख्या 97 हो जाएगी। जबकि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले एनडीए की संख्या 117 हो जाएगी। सभी नवनिर्वाचित सदस्यों के शपथ लेने के बाद 240 सदस्यीय सदन में एनडीए बहुमत के आंकड़े 121 से केवल चार कदम दूर रह जाएगा।
राज्यसभा के 56 सदस्यों में से 41 सदस्य निर्विरोध चुने गए हैं। 15 सीटों के लिए यूपी, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में मंगलवार को मतदान हुआ। भाजपा ने उत्तर प्रदेश की 10 सीटों में से 8, कर्नाटक की 4 सीट में से 1 और हिमाचल प्रदेश की एक सीट पर जीत हासिल की। राज्यसभा में भाजपा के बाद कांग्रेस के पास राज्यसभा में सबसे ज्यादा सीटें हो जाएंगी। कांग्रेस के पास 29, तृणमूल कांग्रेस के 13, डीएमके और आम आदमी पार्टी के 10-10, वाईएसआरसीपी के पास 11, बीजू जनता दल के पास 9, बीआरएस के 5, राष्ट्रीय जनता दल के 6, सीपीएम के पांच और अन्नाद्रमुक और जनता दल यूनाइटेड के सदस्यों की संख्या 4-4 हो पहुंच जाएगी। इसके अलावा राज्यसभा में समाजवादी पार्टी के सदस्यों की संख्या भी 4 हो जाएगी।
जबकि शिवसेना, सीपीआईएम, सीपीआई, एनसीपी, जेएमएम के पास 2-2 सीटें हो जाएंगी। बीएसपी, एमडीएमके, केरल कांग्रेस एम, इंडियन मुस्लिम लीग, यूपीपी, तमिल मानिला कांग्रेस, आरपीआई, आरएलडी, पत्तली मक्कल काची, एनपीपी, एमएनएफ, जेडीएस और असम गण परिषद के सदस्यों की संख्या 1-1 हो जाएगी।