उच्च सदन में महिला सांसदों की संख्या रिकॉर्ड 32 पहुंची
उच्च सदन में महिला सदस्यों की संख्या रिकॉर्ड 32 पहुंच गई। इससे पहले 2014 में 31 महिला सदस्य थीं। इस बार निर्मला सीतारमण सहित 10 महिलाएं जीती हैं। आठ पहली बार उच्च सदन पहुंची हैं।
महाराष्ट्र, हरियाणा में भाजपा के विरोध के बाद रुकी रही मतगणना
इससे पहले राज्यसभा के लिए महाराष्ट्र में छह और हरियाणा में दो सीटों के लिए मतदान खत्म होने के बाद शुक्रवार को भाजपा के विरोध के चलते मतगणना रोकनी पड़ी, जो देर रात शुरू हो सकी। भाजपा ने महाराष्ट्र में एमवीए के तीन विधायकों सुहास कांदे (शिवसेना), यशोमति ठाकुर (कांग्रेस) और जितेंद्र अव्हाड (एनसीपी) पर नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए उनके मत खारिज करने की मांग की। यहां 288 में से सिर्फ 285 सदस्य ही वोट कर सके।
भाजपा का आरोप है कि इन विधायकों ने अपना वोट दूसरे लोगों को दिखाकर गोपनीयता के नियम का उल्लंघन किया। वहीं, हरियाणा में कांग्रेस विधायक किरण चौधरी और बीबी बत्रा पर अपना वोट पार्टी एजेंट के बजाय अन्य लोगों को दिखाने का आरोप लगाते हुए उनका वोट खारिज करने की मांग की। कांग्रेस ने भी निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर भाजपा पर निष्पक्ष चुनाव नहीं होने देने का आरोप लगाया। अजय माकन ने भी पत्र भेजकर भाजपा व निर्दलीय उम्मीदवार के आरोपों को फर्जी बताया। माकन ने दावा किया कि भाजपा के लगाए सभी आरोप निराधार हैं।
हरियाणा : 89 सदस्यों ने किया मतदान
हरियाणा में राज्य में कुल 90 में 89 सदस्यों ने मतदान किया, निर्दलीय विधायक बलराज कुंदू ने अपना वोट नहीं डाला। भाजपा ने यहां पूर्व मंत्री कृष्ण लाल पंवार को उम्मीदवार बनाया था। वहीं कांग्रेस से पूर्व मंत्री अजय माकन मैदान में थे। मीडिया घराने से कार्तिकेय शर्मा को भाजपा ने समर्थन दिया था। दोनों ने आयोग से चौधरी और बत्रा की शिकायत की और उनके वोट खारिज करने की मांग की।
महाराष्ट्र : वोट वाली पर्ची ही पकड़ा दी
महाराष्ट्र में भाजपा ने आरोप लगाया कि कैबिनेट मंत्री जितेंद्र अव्हाड, यशोमती ठाकुर और शिवसेना विधायक सुहास कांडे ने नियमों का उल्लंघन किया। इनमें अवहद और ठाकुर ने सिर्फ दिखाने के बजाय पार्टी एजेंट को अपने वोट वाली पर्ची पकड़ा दी। वहीं कांडे ने दो अलग-अलग एजेंटों को अपने वोट दिखाए। इसलिए इन तीनों के वोट खारिज किए जाने चाहिए। कांडे का वोट देर रात अमान्य करने के बाद यहां देर रात मतगणना शुरू हुई।
हाईकोर्ट ने भी नवाब को नहीं दी राहत, नहीं डाल सके वोट
एनसीपी विधायक और महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक आखिरकार राज्यसभा चुनाव में वोट नहीं डाल सके। शुक्रवार को उन्होंने विशेष अदालत के फैसले के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट की दो अलग-अलग पीठों के सामने कुछ घंटे जमानत देने की अर्जी लगाई, लेकिन दोनों ही पीठों से उन्हें राहत नहीं मिली। पहले उन्होंने जस्टिस पीडी नाईक की एकल पीठ के सामने याचिका दायर की। उनके वकील ने कहा कि वह जमानत नहीं मांग रहे हैं बल्कि पुलिस के घेरे में जाकर वोट देने के सांविधानिक अधिकार का इस्तेमाल करना चाहते हैं। जस्टिस नाईक ने कहा कि यह अदालत इसके लिए अधिकृत नहीं है।
राष्ट्रपति चुनाव : साझा प्रत्याशी पर खड़गे ने की विपक्ष से चर्चा
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष के साझा उम्मीदवार को लेकर शुक्रवार को विपक्ष के नेताओं से चर्चा की। इस दौरान कांग्रेस नेता ने डीएमके, सीपीआई, सीपीआई-एम और आप नेताओं से बात की। सूत्रों का कहना है कि खरगे ने तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी से फोन पर बात की। बताया गया है कि ममता भी इस पक्ष में हैं कि शीर्ष सांविधानिक पद के चुनाव में विपक्ष का साझा उम्मीदवार होना चाहिए। सूत्रों के मुताबिक खड़गे की ओर से ममता से संपर्क साधे जाने के एक दिन पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रियों के अलावा माकपा महासचिव सीताराम येचुरी और एनसीपी प्रमुख शरद पवार से बातचीत की थी।