सभापति ने कहा कि 'बजट पर आज चर्चा सूचीबद्ध थी और मुझे उम्मीद थी कि नियमों का पालन होगा और माननीय सदस्य बजट पर चर्चा करेंगे, लेकिन अब मुझे ऐसा लगता है कि रणनीति के तहत ये किया गया।
बजट के विरोध में विपक्ष ने आज राज्यसभा से वॉकआउट किया। इस पर राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। सभापति ने कहा अगर ऐसा चलता रहा तो इससे लोकतंत्र गंभीर खतरे में पड़ जाएगा। सभापति ने ये भी कहा कि राजनीतिक पार्टियों के लिए अब आत्म मंथन का समय आ गया है।
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'लोकतंत्र गंभीर खतरे में पड़ जाएगा'
सभापति ने कहा कि 'बजट पर आज चर्चा सूचीबद्ध थी और मुझे उम्मीद थी कि नियमों का पालन होगा और माननीय सदस्य बजट पर चर्चा करेंगे, लेकिन अब मुझे ऐसा लगता है कि रणनीति के तहत ये किया गया। मैं सदस्यों से अपील करता हूं कि अगर इसी तरह से सदन में हंगामा होता रहा और इसे राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया गया तो इससे लोकतंत्र गंभीर खतरे में पड़ जाएगा'
राज्यसभा में चर्चा के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने निर्मला सीतारमण को लेकर कहा कि माताजी बोलने में एक्सपर्ट हैं। इस पर राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ बोले- वो माताजी नहीं, आपकी बेटी की उम्र के बराबर हैं। इस दौरान नेता मुस्कुराते नजर आए।
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'सदन की कार्यवाही स्थगित करने की मांग करना एक बहुत ही गंभीर मामला'
राज्यसभा में नियम 267 के तहत सांसदों ने कार्य स्थगन का नोटिस दिया। इस पर सभापति ने कहा कि मैं फिर कहता हूं कि राजनीतिक पार्टियों के नेताओं को इस मुद्दे पर विचार करने की जरूरत है। सदन में हंगामा अब रोज की बात हो गया है। सदन की कार्यवाही स्थगित करने की मांग करना एक बहुत ही गंभीर मामला है। पिछले 36 वर्षों में इस तंत्र का इस्तेमाल सिर्फ छह अवसरों पर ही किया गया है। केवल असाधारण परिस्थितियों में ही इसका इस्तेमाल किया गया। आज दिया गया नोटिस निर्देशों का पालन नहीं करता है, ऐसे में इसे मंजूरी नहीं दी जा सकती।