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Rajnath Singh: देश के दुश्मनों को राजनाथ सिंह की सख्त हिदायत, कहा- बुरी नजर डाली तो खैर नहीं

Thu, 07 Mar 2024 06:42 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जो भी भारत पर बुरी नजर डालेगा उन्हें जवाब देने के लिए सेना पूरी तरह से तैयार है। मोदी सरकार में रक्षा तंत्र मजूबत बना है। 
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (फाइल) - फोटो : ANI
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विस्तार
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देश के दुश्मनों को सख्त हिदायत देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा कि अगर कोई भारत पर बुरी नजर डालेगा तो उसे मुंहतोड़ जवाब देने के लिए सेना तैयार है। पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ और हिंद महासागर में चीनी सैन्य आक्रमण पर रक्षा मंत्री ने चिंता जाहिर की है।
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मोदी सरकार रक्षा तंत्र को मजबूत किया- राजनाथ 
रक्षा क्षेत्र में सेना के आत्मनिर्भर बनने के कदम पर राजनाथ सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा एक नई ऊर्जा के साथ काम किया गया है। जिसके चलते भारत एक मजबूत और वैश्विक मंच पर एक शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में सामने आया है। एक निजी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत का रक्षा तंत्र पहले के मुकाबले आज ज्यादा मजबूत है क्योंकि मोदी सरकार इससे भारतीयता की भावना के साथ मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। 

भारतीयों की क्षमताओं पर विश्वास करती है सरकार- राजनाथ
वर्तमान और विगत की केंद्र सरकारों के बीच अंतर करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि वर्तमान सरकार भारत के लोगों की क्षमताओं में दृढ़ता से विश्वास करती है, लेकिन पहले सत्ता में रहने वाले लोग भारतीयों की क्षमताओं पर विश्वास नहीं करते थे। राजनाथ सिंह ने कहा कि हम सैनिकों का मनोबल ऊंचा रखने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत पर बुरी नजर डालने वाले किसी भी व्यक्ति को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए सक्षम हैं।
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रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर हम बढ़ रहे-राजनाथ
राजनाथ सिंह ने रक्षा विनिर्माण में 'आत्मनिर्भरता' को बढ़ावा देने को सरकार द्वारा लाया गया सबसे बड़ा बदलाव बताया और कहा कि यह भारत के रक्षा क्षेत्र को एक नया आकार दे रहा है। उन्होंने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए रक्षा मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए कदमों पर भी बताया, जिसमें उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में रक्षा औद्योगिक गलियारों की स्थापना, घरेलू उद्योग के लिए पूंजीगत खरीद बजट का 75 प्रतिशत आरक्षित करना और निगमीकरण शामिल है। उन्होंने कहा कि वार्षिक रक्षा उत्पादन, जो 2014 में लगभग 40,000 करोड़ रुपये था, अब रिकॉर्ड 1.10 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है।
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