कई दौर की बैठकों के बाद कांग्रेस पार्टी ने अपनी चौथी सूची जारी कर दी है। पार्टी ने इस लिस्ट 56 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए है। इसमें भी पार्टी ने अधिकतर पुराने विधायकों को ही फिर चुनावी रण में उतारा है। 200 विधानसभा सीटों में से अब तक 151 सीटों के प्रत्याशी घोषित हो चुके है। अब 49 सीटों की घोषणा बाकी है। पार्टी की इस लिस्ट में भी मंत्री शांति धारीवाल, महेश जोशी और धर्मेंद्र राठौड़ का नाम नहीं है। कांग्रेस ने उदयपुर से राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ को उम्मीदवार बनाया है, जबकि पूर्व विदेश मंत्री और भाजपा के दिवंगत नेता जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह को सिवाना से टिकट दिया गया। यह टिकट राहुल गांधी के कोटे का माना जा रहा है।
कांग्रेस ने पायलट गुट के विधायक खिलाड़ी लाल बैरवा का टिकट काट दिया गया है, जबकि नसीराबाद से शिवप्रकाश गुर्जर नए चेहरे को उतारा गया है। बीकानेर पूर्व से यशपाल गहलोत, पीलीबंगा से विनोद गोठवाल, श्रीमाधापुर से दीपेंद्र सिंह शेखावत, रानीवाड़ा से रतन देवासी, खंडेला से महादेव सिंह को चुनाव मैदान में उतारा गया है।
कांग्रेस ने मांडल से एक बार फिर राजस्व मंत्री रामलाल जाट को चुनाव मैदान में उतारा है। बूंदी से हरिमोहन शर्मा के नाम पर मुहर लगाई गई है। तिजारा से इमरान खान को टिकट दिया गया है। कुछ दिन पहले ही उन्हें बसपा ने अपना प्रत्याशी घोषित किया था। उनका मुकाबला भाजपा के बाबा बालकनाथ से होगा। इमरान तिजारा इलाके में मजबूत चेहरा हैं, जबकि वरिष्ठ नेता दुर्रुमियां का टिकट काट दिया गया है।
पार्टी ने कुंभलगढ़ से गणेश परमार के पुत्र योगेश को टिकट दिया है। पाली की बाली विधानसभा सीट से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी पाली के पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड़ को कांग्रेस का टिकट दिया गया है। वे लोकसभा के पिछले दो चुनाव हार चुके हैं, जबकि दूसरे बद्री को बड़ी सादड़ी मौका दिया गया है। कांग्रेस ने गंगानगर से निर्दलीय विधायक राजकुमार गौड़ का टिकट काट दिया है, जबकि सुरेंद्र गोयल को जैतारण से मैदान में उतारा गया है।
झुंझुनू में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की रैली में कांग्रेस में शामिल हुए विकास चौधरी को अजमेर के किशनगढ़ विधानसभा क्षेत्र से टिकट दे दिया गया है। उनको टिकट देने के खिलाफ दिल्ली में कांग्रेस जनों ने प्रदर्शन भी किया था। विकास चौधरी पिछले चुनाव में किशनगढ़ से बीजेपी के प्रत्याशी थे।
श्रीमाधोपुर से कांग्रेस ने एक बार फिर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष दीपेंद्र सिंह शेखावत पर ही भरोसा जताया है। शेखावत इस बार अपने पुत्र को टिकट दिलाने के लिए प्रयास कर रहे थे। पिछले दो चुनाव हार चुके जाकिर हुसैन गैसावत को कांग्रेस ने फिर से मकराना से अपना प्रत्याशी बनाया है। उनका मुकाबला यहां बीजेपी की सुमिता भींचर से होगा।
श्रीगंगानगर से 2018 में कांग्रेस प्रत्याशी रहे अशोक चांडक का टिकट काट दिया गया है। चांडक पायलट समर्थक हैं। उनकी जगह अंकुर मिगलानी को मौका दिया गया है। यहां से सरकार बचाने में मदद करने वाले निर्दलीय राजकुमार गौड़ को कांग्रेस ने टिकट नहीं दिया है। अंकुर मिगलानी का मुकाबला भाजपा के जयदीप बिहानी से होगा।