जामनगर और आसपास के इलाकों में नदियां उफान पर हैं। कई लोग फंसे हुए हैं। ऐसे में टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
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राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) के मुताबिक, सोमवार को 10 घंटे के अंदर राजकोट और जामनगर में भारी बारिश देखने को मिली। राजकोट के लोधिका तालुका में 435 मिलिमीटर, राजकोट तालुका में 305 मिलिमीटर, धोराजी में 202 मिलिमीटर, कोटदासगंज में 190 मिलिमीटर और गोंदल में 162 मिलिमीटर बारिश हुई। वहीं, जामनगर के कालावाड में 348 मिलिमीटर और जुनागढ़ के विसावदार तालुका में 364 मिलिमीटर बारिश हुई।
इतना ही नहीं जामनगर में 35 गांवों से संपर्क भी टूट गया है। लोगों को रेस्क्यू करने के लिए एनडीआरएफ की टीम को तैनात किया गया है। इसके साथ ही एयरफोर्स की मदद से लोगों को रेस्क्यू भी किया जा रहा है। इस काम के लिए 4 हेलिकॉप्टर लगाए गए हैं। एनडीआरएफ ने जामनगर के कालवाड से से अब तक 30 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू कर लिया है।
जामनगर के अलावा राजकोट के भी कई इलाकों में लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात हैं। जिला कलेक्टर ने मूसलाधार बारिश के कारण स्कूल और कॉलेजों में एक दिन की छुट्टी की घोषणा कर दी है।
जामनगर में लगातार हो रही बारिश से हुए जलभराव में एक गाड़ी पानी में बह गई। बहाव तेज होने के कारण उसे रेस्क्यू करने की कोशिश नहीं की गई। इसके अलावा करीब 3 गांव के लोग चारों ओर पानी होने के कारण फंस गए थे। सोमवार को सीएम पटेल ने जिला कलेक्टर से जल्द से जल्द रेस्क्यू ऑपरेशन को पूरा करने कहा था। उनके निर्देश के बाद प्रशासन एक्टिव हुआ और लोगों को निकालने का काम जारी है।
राजकोट के छापरा गांव के पेस पेलिकन ग्रुप के मालिक किशनभाई शाह आई-20 कार समेत नदी में बह गए। कार में उनका ड्राइवर भी था। दोनों का तलाश के लिए नेवी की मदद मांगी गई है। राजकोट के कलेक्टर अरुण महेश बाबू के अनुसार नेवी की एक टीम पोरबंदर से रवाना हो गई है। जानकारी के अनुसार, 50 वर्षीय किशनभाई शाह साेमवार दोपहर अन्य साथी और ड्राइवर के साथ कार से फैक्ट्री के लिए रवाना हुए थे। कार आणंदपर-छपरा गांव के पास से गुजर रही थी। इसी दौरान पुलिया पर पानी बहने के बावजूद कार नहीं रोकी गई, जिससे कार पानी में फंस गई। कार से किशनभाई का परिचित किसी तरह बाहर आ गया, लेकिन इसी दौरान कार बह गई।