ई-टिकटिंग वेबसाइट और मोबाइल एप रेलयात्री को आईआरसीटीसी द्वारा टिकट बुकिंग सेवाएं जारी रखने के लिये अधिकृत किया गया है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने कुछ महीनों पहले इन सेवाओं को ‘अनधिकृत’ करार दिया था।
आईआरसीटीसी ने 2017 में पुलिस उपायुक्त, रेलवे एवं अपराध के समक्ष शिकायत देकर आरोप लगाया था कि वेबपोर्टल अवैध तरीके से बुकिंग ले रहा है और ट्रेनों में खाना उपलब्ध करा रहा है। अदालत ने इस साल अप्रैल में कहा था कि रेलयात्री वेबसाइट और मोबाइल ऐप का कारोबार व संचालन अनधिकृत और अनुचित था।
रेलयात्री ने अब आईआरसीटीसी लाइसेंस हासिल कर लिया है और इसके तहत व उसकी ई-बुकिंग सेवाओं को जारी रखने के लिये अधिकृत है। भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम लिमिटेड (IRCTC) ने इस कदम की पुष्टि करते हुए कहा कि एकीकरण पिछले हफ्ते किया गया।
अधिकारियों ने कहा कि ऐसा एकीकरण यह सुनिश्चित करने के लिये जरूरी है कि ऐसे पोर्टलों के जरिये टिकट बुक कराने वालों से कोई अतिरिक्त शुल्क न वसूला जाए। उन्होंने कहा कि इस लाइसेंस के लिये आईआरसीटीसी द्वारा शुल्क लिया जाता है।