कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया कि वंदेभारत एक्सप्रेस रेलवे के लिए फिलहाल घाटे का सौदा साबित हो रही है। आरोपों पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा- सात मई, 2024 को वंदे भारत ट्रेनों की ऑक्यूपेंसी 98 फीसदी रही है। वहीं, वित्त वर्ष 2024-25 में वंदे भारत ट्रेनों की ऑक्यूपेंसी 103 फीसदी रही है।
लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग जारी है। दोनों पार्टियां हर दिन अलग-अलग मुद्दे पर एक-दूसरे को घेरते हुए नजर आ रहे हैं। इसी बीच कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि देश के विभिन्न राज्यों में चलाई जा रही सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदेभारत एक्सप्रेस रेलवे के लिए फिलहाल घाटे का सौदा साबित हो रही है। ज्यादा किराया होने की वजह से हाईटेक सुविधाओं से लैस इस ट्रेन को यात्री नहीं मिल रहे हैं। कांग्रेस ने इससे जुड़े तथ्य भी सोशल मीडिया पर पेश भी किए हैं। कांग्रेस के इस आरोप पर रेल मंत्री सामने आए हैं। रेल मंत्री ने बताया कि सात मई, 2024 को वंदे भारत ट्रेनों की ऑक्यूपेंसी 98 फीसदी रही है। वहीं, वित्त वर्ष 2024-25 में वंदे भारत ट्रेनों की ऑक्यूपेंसी 103 फीसदी रही है। रेल मंत्री ने कांग्रेस से सवाल पूछा कि क्या कांग्रेस चाहती है कि वंदे भारत ट्रेन बंद हो जाएं?
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केरल कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट कर कहा, छुट्टियों के मौसम में देशभर में लोग भारी संख्या में ट्रैवल कर रहे हैं। इसके बावजूद वंदे भारत में बुकिंग आश्चर्यजनक रूप से कम नजर आ रही है। इसलिए हमने 'वंदे भारत' का बुलबुला फोड़ने का फैसला किया है। आईआरसीटीसी के बुकिंग डाटा से पता चलता है कि देश में 50 फीसदी से अधिक वंदे भारत या तो खाली चल रही हैं, या कुछ चुनिंदा ट्रेनों की सीट ही आंशिक रूप से भरी हुई हैं। ये डाटा पूरी तरह से जनरल कैटेगरी की बुकिंग का है। इसमें तत्काल बुकिंग शामिल नहीं है।
कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर तथ्य पेश करते हुए कहा कि मुंबई-सोलापुर वंदे भारत में 277 सीटें खाली हैं, लेकिन इसी रूट पर चलने वालीं लगभग अन्य सभी ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट लग चुकी है। इसका मतलब है कि ट्रेनों की भारी मांग है, लेकिन लोग महंगा टिकट होने के कारण वंदेभारत में बुकिंग नहीं करा रहे हैं। जहां एक तरफ गरीब रथ 770 रुपये में टिकट प्रदान करता है, तो वंदे भारत का अत्याधिक किराया 1720 रुपये आम आदमी को सफर करने से रोकता है।
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पार्टी ने आगे कहा कि अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन भी एक व्यक्ति की मनमर्जी के बिना किसी सलाह-मशविरे के बनाई जा रही है। शुरुआत में इस प्रोजेक्ट का बजट 1.1 लाख करोड़ रुपये था, जो कि वर्तमान में बढ़कर 1.6 लाख करोड़ हो चुका है। प्रोजेक्टर के पूरा होते-होते ये दो लाख करोड़ रुपये तक जाने की संभावना है। जबकि इसके विपरीत भारतीय रेलवे 4950 करोड़ रुपये की उत्पादन लागत पर प्रतिदिन 13,000 से अधिक ट्रेनों का संचालन करती है। इसमें से केवल 51 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें हैं।
कांग्रेस के इस आरोपों पर खुद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव सामने आए हैं। रेल मंत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसका जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस के झूठ का बुलबुला फोड़ने का समय आ गया है। रेल मंत्री ने बताया कि सात मई, 2024 को वंदे भारत ट्रेनों की ऑक्यूपेंसी 98 फीसदी रही है। वहीं, वित्त वर्ष 2024-25 में वंदेभारत ट्रेनों की ऑक्यूपेंसी 103 फीसदी रही है। रेल मंत्री ने आगे सवाल पूछते हुए कहा कि क्या कांग्रेस चाहती है कि वंदे भारत ट्रेन बंद हो जाएं?