कांग्रेस पार्टी के नेताओं के मुताबिक यह पहला मौका होगा, जब चुनाव जीतने के कुछ दिन बाद ही गांधी परिवार जनता का आभार जताने के लिए रायबरेली की जमीन पर पहुंच रहा है। मंगलवार को रायबरेली के गेस्टहाउस में आयोजित होने वाले समारोह में सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और सांसद राहुल गांधी मौजूद रहेंगे। सियासी जानकार भी मानते हैं कि इस तरीके के आयोजन का सीधा मतलब गांधी परिवार का रायबरेली और अमेठी की जनता का धन्यवाद देना तो है ही, साथ ही राहुल गांधी का रायबरेली से सांसद बने रहेंगे, यह संदेश भी माना जा रहा है। दरअसल दो जगह से चुनाव जीतने के बाद अटकलें इस बात की लगाई जा रहीं हैं कि आखिर राहुल गांधी इस्तीफा कहां से देंगे। हालांकि अभी तक आधिकारिक रूप से राहुल गांधी की ओर से या कांग्रेस की ओर से इस बात की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन पार्टी से जुड़े सूत्र यही बताते हैं कि सियासी समीकरणों के नजरिए से राहुल गांधी रायबरेली से सांसद बने रहेंगे।
वरिष्ठ पत्रकार आनंद प्रकाश शर्मा कहते हैं कि उत्तर प्रदेश में जिस तरीके का प्रदर्शन कांग्रेस ने किया है, वह हाल के दिनों का बेहतर प्रदर्शन है। रायबरेली और अमेठी की जनता ने तो कांग्रेस और गांधी परिवार पर भरोसा तो जताया ही है, साथ ही कई दशकों बाद सीतापुर, प्रयागराज और सहारनपुर में कांग्रेस चुनाव जीती है। शर्मा कहते हैं कि कांग्रेस का वोट प्रतिशत भी बीते चुनावों की तुलना में इस बार उत्तर प्रदेश में बढ़ा है। उनका मानना है कि प्रदेश में कांग्रेस को जो ऑक्सीजन मिली है, उसे आगे बढ़ाने के लिए राहुल गांधी का रायबरेली से सांसद बने ज्यादा फायदेमंद है। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता सैयद उस्मानी कहते हैं कि सोनिया गांधी ने जिस भावुक अपील के साथ रायबरेली की जनता से चुनाव जिताने की बात कही थी, उसका पालन हुआ है। अब ऐसी दशाओं में रायबरेली के लोग भी चाहते हैं कि राहुल गांधी यहां से इस्तीफा न दें।
पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के प्रदर्शन के आधार पर यह तय हो चुका है कि राहुल गांधी रायबरेली से सांसद रहेंगे। वह तर्क देते हुए कहते हैं कि लोकसभा चुनावों के इस प्रदर्शन को पार्टी एक बड़े बूस्टर डोज के तौर पर देख रही है। गठबंधन में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस साथ-साथ चुनाव लड़ी है। ऐसी दशाओं में पार्टी को न सिर्फ अपने वोट बैंक को मजबूत कर आगे के चुनावों के लिहाज से अपनी सियासी फील्डिंग सजानी है। बल्कि संगठनात्मक स्तर पर भी और मजबूत स्पेशल सिपहसालार भी तैनात करने हैं। पार्टी से जुड़े नेताओं का मानना है कि रायबरेली से लेकर अमेठी और लखनऊ से लेकर अलग-अलग जिलों के नेताओं की रायबरेली से लेकर अमेठी और लखनऊ से लेकर अलग-अलग जिलों से राहुल को रायबरेली से सांसद बने रहने का अनुरोध पत्र भी भेजा गया है।