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Rahul Gandhi: भाषण के हटाए गए अंशों पर पहले संसद के बाहर जताई नाराजगी, फिर ओम बिरला को पत्र लिखकर की यह मांग

Tue, 02 Jul 2024 01:15 PM IST
मेघा झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

राहुल गांधी ने मंगलवार को अपने हटाए गए भाषण के अंश पर संसद के बाहर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि मोदी की दुनिया से सत्य मिटाया जा सकता है, हकीकत में नहीं। उसके बाद उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला काे पत्र लिखकर भाषण के अंश को बहाल करने की मांग की।
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी - फोटो : pti
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विस्तार
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लोकसभा सत्र के दौरान कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण का कुछ अंश कार्यवाही के रिकॉर्ड से हटा दिए गए। इससे नाराज राहुल ने सत्र के सातवें दिन की शुरुआत से पहले संसद भवन परिसर में पत्रकारों के सवाल का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मोदी जी की दुनिया में सत्य को मिटाया जा सकता है, लेकिन हकीकत में नहीं। इस बीच राहुल लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को चिट्ठी लिखी। उन्होंने अनुरोध किया है कि उनकी टिप्पणियों को बहाल किया जाए। उन्होंने पत्र में लिखा कि यह देखकर स्तब्ध हूं कि किस तरह से मेरे भाषण के काफी हिस्से को निष्कासन की आड़ में कार्यवाही से हटा दिया गया है। मेरी सुविचारित टिप्पणियों को रिकॉर्ड से हटा देना संसदीय लोकतंत्र के सिद्धांतों के खिलाफ है।
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18वीं लोकसभा का पहला संसद सत्र शुरू हो गया है। सोमवार को राहुल गांधी ने नेता प्रतिपक्ष के रूप में अपने बात रखी। यह दस साल में पहली बार था कि नेता प्रतिपक्ष ने इस अंदाज में संसद में अपनी बात रखी। राहुल गांधी के भाषण के दौरान भाजपा के शीर्ष नेताओं ने आपत्ति भी दर्ज कराई। उनके भाषण के बाद गृहमंत्री ने तथ्यों की जांच कराने का आग्रह भी किया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने भाषण में भाजपा नेताओं, भाजपा योजनाओं को निशाने पर रखा। अग्निवीर जैसी योजनाओं का राहुल गांधी ने खुलकर विरोध दर्ज कराया। वहीं सत्तारूढ भाजपा पर सांप्रदायिक आधार पर जनता को बांटने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों के साथ भेदभाव, परीक्षाओं में अनियमितताओं, महंगाई समेत कई मुद्दों को उन्होंने अपने भाषण में शामिल किया। वहीं उन्होंने मणिपुर जैसे मुद्दों को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधा।

इसके बाद उनके भाषण के कुछ अंश को लोकसभा की कार्रवाई से हटा दिया गया। जिस पर राहुल गांधीने विरोध जताया है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने अपने सोमवार को लोकसभा में दिए भाषण का अंश हटाने को लेकर विरोध दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि उनके भाषण में ऐसा कुछ नहीं था, जिसे हटाया जाए। बावजूद उनके भाषण के अंश हटाए गए। वहीं दूसरी ओर अगर देखा जाए तो, अनुराग ठाकुर के भाषण से केवल एक शब्द ही हटाया गया है। उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष का निर्णय उन्हें मंजूर नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि नियम के तहत इसे हटाने की ताकत उनके पास है लेकिन, उनके भाषण में ऐसे किसी शब्द का प्रयोग नहीं किया गया कि उसे हटाया जाए।
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राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष को संबोधित पत्र में लिखा कि "मैं इसे 1 जुलाई 2024 को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मेरे भाषण से निकाली गई टिप्पणियों और अंशों के संदर्भ में पत्र लिख रहा हूं। हालांकि सभापति को सदन की कार्यवाही से कुछ टिप्पणियों को हटाने की शक्तियां प्राप्त हैं, लेकिन शर्त केवल उन प्रकार के शब्दों की है, जिनकी प्रकृति लोकसभा में प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमों के नियम 380 में निर्दिष्ट की गई है।

हालांकि, मैं यह देखकर स्तब्ध हूँ कि जिस तरह से मेरे भाषण का काफी हिस्सा निष्कासन की आड़ में कार्यवाही से हटा दिया गया है। मैं 2 जुलाई की लोकसभा की असंशोधित बहसों के प्रासंगिक अंश संलग्न कर रहा हूं। मैं यह कहने के लिए बाध्य हूं कि हटाए गए अंश नियम 380 के दायरे में नहीं आते हैं। मैंने सदन में जो कहना चाहा वह जमीनी हकीकत है, तथ्यात्मक स्थिति है। सदन का प्रत्येक सदस्य जो उन लोगों की सामूहिक आवाज़ का प्रतिनिधित्व करता है जिनका वह प्रतिनिधित्व करता है, उसे भारत के संविधान के अनुच्छेद 105(1) में निहित अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है। सदन के पटल पर लोगों की चिंताओं को उठाना प्रत्येक सदस्य का अधिकार है।

यह वह अधिकार है और देश की जनता के प्रति अपने दायित्वों का पालन करते हुए मैं कल इसका प्रयोग कर रहा था। मेरी सुविचारित टिप्पणियों को रिकॉर्ड से हटाना संसदीय सिद्धांतों के विरुद्ध है प्रजातंत्र। इस सन्दर्भ में मैं अनुराग ठाकुर के भाषण की ओर भी ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं। जिनका भाषण आरोपों से भरा था, फिर भी आश्चर्यजनक रूप से केवल एक शब्द ही हटाया गया है! आपके अच्छे स्व के प्रति उचित सम्मान के साथ यह चयनात्मक निष्कासन तर्क को अस्वीकार करता है। मेरा अनुरोध है कि कार्यवाही से निकाली गई टिप्पणियों को बहाल किया जाए।"

बता दें कि राहुल गांधी की एक टिप्प्णी पर सत्ता पक्ष में भारी विरोध भी हुआ। भाषण के कुछ हिस्से हटाए जाने पर राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि "मुझे जो कुछ भी कहना था, मैंने कह दिया है और यही सत्य है। वे जितना चाहें उतना मिटा सकते हैं, लेकिन सत्य की जीत होगी।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दुनिया में सत्य को मिटाया जा सकता है, लेकिन हकीकत में नहीं। यह बात लोकसभा में उनके भाषण के महत्वपूर्ण हिस्सों को अध्यक्ष द्वारा हटाए जाने के कुछ घंटों बाद कही।
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