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Rahul Gandhi: राहुल गांधी का पीएम मोदी पर हमला, कहा- उनके एकाधिकार मॉडल ने छीन लीं नौकरियां, MSME हो गए तबाह

Fri, 27 Sep 2024 06:19 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

राहुल गांधी ने कहा कि जीएसटी और नोटबंदी जैसी नीतियों ने छोटे और मध्यम उद्योगों पर हमला किया। इसने भारत को उत्पादक अर्थव्यवस्था से उपभोक्ता अर्थव्यवस्था में बदल दिया
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राहुल गांधी और पीएम नरेंद्र मोदी। - फोटो : ANI
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विस्तार
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राहुल गांधी ने रोजगार और उद्योग को लेकर पीएम मोदी पर हमला बोला है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी के एकाधिकार मॉडल ने युवाओं की नौकरियां छीन लीं। साथ ही एमएसएमई को तबाह कर दिया। उन्होंने जीएसटी को सरल बनाने और बैकिंग प्रणाली को छोटे व्यवसायों के लिए खोलने की जरूरत पर जोर दिया। 

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जम्मू में ऑल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस (एआईपीसी) के कार्यक्रम डोगरी धाम विद आरजी का एक वीडियो साझा करते हुए राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा कि जम्मू-कश्मीर के एक युवा स्टार्ट-अप मालिक की आंखों में भारत के उद्यमियों और छोटे व्यवसाय मालिकों के बीच संघर्ष को लेकर निराशा दिखती है।

उन्होंने कहा कि जीएसटी और नोटबंदी जैसी नीतियों ने छोटे और मध्यम उद्योगों पर हमला किया। इसने भारत को उत्पादक अर्थव्यवस्था से उपभोक्ता अर्थव्यवस्था में बदल दिया। ऐसे में न तो हम चीन के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं और न ही सभी भारतीयों की समृद्धि सुनिश्चित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत बेहतरी का हकदार है। 
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राहुल गांधी ने कहा कि हमें रोजगार सृजन के लिए जीएसटी को सरल बनाना चाहिए और बैंकिंग प्रणाली को छोटे व्यवसायों के लिए खोलना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत में बेरोजगारी का सबसे बड़ा कारण रोजगार की बिगड़ी संरचना है। रोजगार पर 10 में पांच एकाधिकारों ने कब्जा कर रखा है। 

उन्होंने कहा कि बड़े एकाधिकारों ने राजनीतिक व्यवस्था पर नियंत्रण किया हुआ है। राहुल गांधी ने कहा कि भारत के पास कौशल, क्षमताओं का एक विशाल समूह है। उन्होंने कहा कि कौशलों को वित्त, प्रौद्योगिकी के साथ जोड़ना और जमीनी स्तर से उद्योगों का निर्माण करके ही आगे बढ़ा जा सकता है। 

राहुल गांधी ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत प्रस्तावों की रूपरेखा बताई। इसमें सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए पूंजी तक बेहतर पहुंच, निर्यात प्रोत्साहन और व्यवसायों पर कर-संबंधी बोझ को कम करने के उपायों पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में 328 प्रतिभागियों ने भाग लिया। 
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