आईकेईए की हैदराबाद शाखा में नस्लवाद का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आईकेईए ने इस मामले पर खेद जताया है। आईकेईए ने कहा है कि उसे अनिवार्य बिलिंग प्रोटोकॉल के बाद शिकायतकर्ता को हुई असुविधा के लिए खेद है। वहीं तेलंगाना के वरिष्ठ मंत्री के.टी. रामाराव ने इसे 'भयावह' बताया है। आईकेईए स्वीडिश फर्नीचर विक्रेता कंपनी है।
दरअसल वरिष्ठ पत्रकार नितिन सेठी ने आरोप लगाते हुए अनपे ट्वीटर हैंडल में लिखा कि कैसे उत्तर पूर्वी राज्य मणिपुर की रहने वाली उनकी पत्नी की तलाशी ली गई। सेठी की पत्नी से पहले किसी अन्य ग्राहक की तलाशी नहीं ली गई थी और जब इसकी ओर इशारा किया गया तो आईकेईए के कर्मचारी कथित तौर पर इस कदम का बचाव करने के लिए आगे आए।
पत्रकार की पत्नी अकोइजम सुनीता ने इस मामले में ट्वीट कर लिखा, मैं आज आईकेईए इंडिया हैदराबाद में सामान खरीदने वालों में से एक थी, लेकिन मैं अकेली थी, खरीदी गई वस्तुओं की एक-एक करके जांच की गई। अगर यह नस्लवाद नहीं है तो क्या है? वहां के वरिष्ठ कर्मचारी मदद के लिए नहीं आए। क्या आईकेईए इस तरह के व्यवहार का समर्थन करता है?
वहीं आईकेईए इंडिया ने ट्वीट किया, एक प्रक्रिया के रूप में, जो ग्राहक स्वयं चेकआउट करते हैं, उनसे स्टोर छोड़ने से पहले अंतिम जांच के लिए अनुरोध किया जाता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बिलिंग सही है और ग्राहकों को डबल चार्जिंग, प्रोडक्ट की बार-बार स्कैनिंग आदि के संबंध में कोई समस्या न आए। हम कई लोगों के लिए रोजमर्रा की जिंदगी बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
वहीं तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर के बेटे केटीआर ने इस मामले को लेकर आईकेईए की आलोचना की। उन्होंने ट्वीट किया, यह भयावह और बिल्कुल अस्वीकार्य है। कृपया सुनिश्चित करें कि एक उचित माफी जारी की जाए और इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि अपने सभी ग्राहकों का सम्मान करने के लिए अपने कर्मचारियों को शिक्षित, संवेदनशील और प्रशिक्षित करें। आशा है आप जल्द से जल्द सुधार करेंगे।