महाराष्ट्र में पुणे की एक 18 वर्षीय लड़की ने अपने पति, माता-पिता और ससुराल वालों के खिलाफ घरेलू हिंसा, मारपीट और बाल विवाह के लिए मजबूर करने की पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस ने हिंजेवाड़ी थाने में मामला दर्ज कराया है।
महाराष्ट्र में पुणे की एक 18 वर्षीय लड़की ने अपने पति, माता-पिता और ससुराल वालों के खिलाफ घरेलू हिंसा, मारपीट और 16 साल की उम्र में बाल विवाह के लिए मजबूर करने की पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। उसकी शिकायत के आधार पर पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस ने हिंजेवाड़ी थाने में मामला दर्ज किया है।
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उसकी शिकायत के अनुसार, लड़की को जून 2019 में बानेर में एक 34 वर्षीय व्यक्ति से शादी करने के लिए मजबूर किया गया था। उसके और उसके माता-पिता के साथ सोलापुर के करमाला गांव में रहने के लिए भेज दिया गया।
उसने पुलिस को बताया कि ससुराल वालों के साथ रहने के दौरान, लड़की को पीटा गया और दहेज के रूप में अपने माता-पिता से 2 लाख रुपये और एक दोपहिया वाहन लाने के लिए कहा था। लड़की घर छोड़कर अपने माता-पिता के साथ रहने लगी। हालांकि, उन्होंने लड़की को मौखिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना भी शुरू कर दिया था।
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वह अपने परिवार के बाहर एक व्यक्ति की मदद से पुलिस के पास गई थी। वे पहले निगडी थाने गए और फिर पुलिस आयुक्त पिंपरी-चिंचवड़ से मिलने गए। उन्होंने उसे बताया कि शादी कहां हुई थी और पता चला कि यह हिंजेवाड़ी थाने के अधिकार क्षेत्र में है।
मामले की जांच कर रहे हिंजेवाड़ी पुलिस थाने के पुलिस उप निरीक्षक संदीप बोरकर ने बताया कि हमने इस मामले में अभी तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। हिंजेवाड़ी पुलिस स्टेशन में बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 की धारा 9, 10, 11 (1) के साथ भारतीय दंड संहिता की धारा 498 (ए), 323, 504, 506 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया था।