मानसून सत्र में अशोभनीय आचरण के लिए शीत शत्र में निलंबित किये गए 12 सांसदों का निलंबन रद्द कराने के लिए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी समेत अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने मंगलवार को जुलूस निकाला। जुलूस में राहुल गांधी के शामिल होने पर शिवसेना सांसद संजय राउत ने राहुल गांधी से कहा- "आप आए बहार आई"।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष, राहुल गांधी, राज्यसभा के 12 सांसदों से मिलने के लिए संसद भवन में गांधी प्रतिमा के पास गए थे, जहां ये सांसद उच्च सदन से निलंबन के खिलाफ दो सप्ताह से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे हैं। बातचीत की एक वीडियो में, राहुल गांधी को निलंबित राज्यसभा सांसदों के पास जाते हुए देखा जा सकता है। इस दौरान संजय राउत ने राहुल गांधी का स्वागत किया और गले लगाते हुए कहा- "आप आए बहार आई"।
इस महीने की शुरुआत में, संजय राउत ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। राउत ने गांधी परिवार से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा था कि कांग्रेस के बिना भाजपा विरोधी मोर्चा संभव नहीं है।
विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया
संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा से विजय चौक तक जुलूस में इन लोगों ने सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया। राहुल के अलावा सभी निलंबित सांसद, राज्यसभा में प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता अधीर रंजन चौधरी, शिवसेना नेता संजय राउत और अन्य नेता जुलूस में शामिल हुए।
जुलूस के बाद राहुल ने कहा, सांसदों के निलंबन को 14 दिन हो गए हैं। सदन में विपक्ष जो चर्चा करना चाहता है, सरकार वह चर्चा नहीं होने देती। विपक्षी सदस्य अपनी आवाज उठाते हैं तो सरकार उनको डराकर-धमकाकर निलंबित कर देती है। विपक्ष की आवाज कुचली जा रही है। यह लोकतंत्र की हत्या है। पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, तीन चार ऐसे मुद्दे हैं जिनका सरकार नाम तक नहीं लेने नहीं देती। प्रधानमंत्री सदन में नहीं आते हैं। यह सही तरीका नहीं है।
29 नवंबर को शुरू हुए संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन राज्यसभा में कांग्रेस व तृणमूल कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों के 12 सदस्यों को इस सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया था। निलंबन के बाद से ये सांसद संसद की कार्यवाही के दौरान प्रतिदिन सुबह से शाम तक संसद परिसर में धरना दे रहे हैं।
राउत बोले, निलंबन नहीं यह किसान आंदोलन के लिए सांसदों का बलिदान
संजय राउत ने कहा, यह सिर्फ 12 सांसदों का निलंबन नहीं, बल्कि किसानों के आंदोलन के लिए सांसदों का सबसे बड़ा बलिदान है। लोकतंत्र व न्याय शब्दों को यह सरकार सुनना ही नहीं चाहती है...। आज तक हमारे लोकतांत्रिक इतिहास में यह नहीं देखा गया.... इसके खिलाफ हम लड़ेंगे।
ये सदस्य हुए हैं निलंबित
निलंबित किये गए सदस्यों में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के इलामारम करीम, कांग्रेस की फूलो देवी नेताम, छाया वर्मा, रिपुन बोरा, राजमणि पटेल, सैयद नासिर हुसैन, अखिलेश प्रताप सिंह, तृणमूल कांग्रेस की डोला सेन और शांता छेत्री, शिव सेना की प्रियंका चतुर्वेदी और अनिल देसाई तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के विनय विस्वम शामिल हैं।
जनता ने इन्हें दो बार सुनाया बाहर जाने का आदेश: जोशी
संसदीय मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने विपक्ष के जुलूस पर तंज कसते हुए कहा, देश की जनता ने इन्हें दो बार बाहर जाने का फैसला सुनाया है। आगे भी उन्हें इस तरह के जनादेश के लिए तैयार रहना चाहिए। जोशी ने साथ ही निलंबित 12 सांसदों से माफी मांगकर सदन में वापस आने की सलाह दी। उन्होंने कहा, सरकार हर मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार है लेकिन पहले अपने आचरण के लिए निलंबित सांसदों को माफी मांगनी चाहिए।
संसद में सरकार नहीं उठाने दे रही जनता से जुड़े मुद्दे : राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि सरकार संसद में जनता से जुड़े मुद्दे नहीं उठाने दे रही है। तीन-चार ऐसे मुद्दे हैं, जिनका सरकार नाम तक नहीं लेने देती है। ये सही तरीका नहीं है। प्रधानमंत्री जी संसद में नहीं आते। ये कोई लोकतांत्रिक तरीका है? उन्होंने राज्यसभा सदस्यों के निलंबन और लखीमपुर खीरी मामले में गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र को लेकर भी पीएम पर हमला बोला।
मीडिया से बातचीत में राहुल ने कहा कि लखीमपुर में क्या हुआ, प्रधानमंत्री जानते हैं, पर उन्होंने इस पर चर्चा ही नहीं होने दी। प्रधानमंत्री पूंजीपतियों का मुखौटा हैं। संसद भवन की तरफ इशारा कर उन्होंने कहा कि ये तो अब बिल्डिंग है। म्यूजियम है बस। पीएम की काशी यात्रा पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि पूंजीवादी ताकतें नहीं चाहती हैं कि मीडिया में मोदी के अलावा किसी का चेहरा न दिखे। उन्होंने मीडिया को कैप्चर कर रखा है।