15 दिन पहले अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने हमले का अलर्ट दिया था
15 दिन पहले अमेरिका की नेशनल इंटेलीजेंस ने सीनेट में रिपोर्ट में कहा था कि पाकिस्तान स्थित आतंकी भारत को 2019 में निशाना बनाते रहेंगे। चुनाव से पहले हमले की संभावना ज्यादा है।
जैश ने देश में पहले भी बड़े हमले किए
जैश नए तरीके के हथियारों मसलन रसायन और दवाओं के जरिए भारत भर में हमलों की धमकी दे चुका है। जैश ने ही 2016 में उड़ी हमले, 2016 में पंजाब पठानकोट स्थित वायु सेना ठिकाने पर हमला, संसद भवन पर हमला (दिसंबर, 2001), जम्मू-कश्मीर विधानसभा पर हमला (अक्टूबर 2001), इंडियन एयरलाइंस के विमान का अपहरण (दिसंबर 1999), अयोध्या और वाराणसी धमाके।
नवंबर, 2007 में उत्तर प्रदेश पुलिस के एसटीएफ द्वारा लखनऊ में गिरफ्तार किए गए जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों ने पूछताछ में खुलासा किया था कि वह राहुल गांधी के अपहरण के लिए देश में आए थे।
मसूद अजहर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में रहता है
पाकिस्तान ने 2002 में जैश पर प्रतिबंध लगा दिया था। बावजूद, जैश का सरगना मसूद अजहर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के बहावलपुर में रहता है। भारत पाक से अजहर के प्रत्यर्पण की मांग कर चुका है, पर पाक सबूतों के अभाव का हवाला दे इसे नामंजूर करता रहा है।
एक साल में 11वां आईईडी धमाका
कश्मीर में 1990 के दशक में आईईडी हमले सबसे ज्यादा होते थे। पर एक बार फिर वह दौर लौटा है। 2018 से लेकर अब तक 11वीं बार आतंकियों ने आईईडी से हमला किया है।
29 साल में 21 हजार से ज्यादा आतंकी मारे गए
जम्मू-कश्मीर में आतंक की शुरुआत 90 के दशक में हुई थी। 1990 से लेकर अब तक राज्य में आतंकी हमलों में 5,777 से ज्यादा जवान शहीद हुए हैं। सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 21,562 आतंकी मारे गए गए हैं। इसके अलावा आतंकी हमलों में 16,757 नागरिक भी मारे गए हैं।