भारतीय वायुसेना के मिराज 2000 विमान ने आज सुबह तड़के पाकिस्तान के आठ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। यह सभी ठिकाने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के बताए जा रहे हैं। भारतीय वायुसेना की कार्रवाई में जैश के मुखिया मसूद अजहर के साले मौलाना युसूफ अजहर उर्फ उस्ताद गोहरी के भी मारे जाने की आशंका है। हालांकि उसके मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। सूत्रों के अनुसार इस हमले में 200-300 आतंकवादी मारे गए हैं।
इस हमले पर विदेश सचिव विजय गोखले ने प्रेस कांफ्रेंस की जिसमें उन्होंने बताया कि भारत ने असैन्य कार्रवाई करते हुए आतंकी कैंप को अपना निशाना बनाया। उन्होंने कहा, 'इस अभियान में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कई आतंकियों, ट्रेनरों और फिदायीन हमलावरों को मार गिराया गया है। बालाकोट कैंप जैश का कमांडर मौलाना युसूफ अजहर चला रहा था जो मसूद अजहर का साला है। पुलवामा हमले को इसी आतंकी संगठन ने करवाया था।'
हालांकि गोखले ने युसूफ के मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की। उन्होंने बताया, 'जेईएम देश के कई हिस्सों में कई और आत्मघाती हमले करने की फिराक में हैं। इसके लिए फिदायीन जिहादियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ऐसे में भारत की ओर से दुश्मनों को थामने के लिए इस तरह का हमला करना बेहद आवश्यक हो गया था। भारत ने जेईएम के सबसे बड़े कैंप पर निशाना साधा है। भारत आतंकवाद से लड़ने के लिए सभी उपाय करने के लिए दृढ़ और संकल्पबद्ध है।'
उन्होंने यह भी कहा, 'हम इस अभियान में किसी भी नागरिक को हताहत नहीं होने देना चाहते थे इसी को ध्यान में रखते हुए लक्ष्य का चुनाव किया गया। यह स्थान गहरे जंगल में पहाड़ी पर स्थित है। भारत की पाकिस्तान से अपेक्षा है कि वह जैश ए मोहम्मद सहित सभी आतंकी शिविरों को नष्ट करेगा।' वायुसेना ने जिन आतंकी ठिकानों पर बम बरसाए उनके नाम हैं- लीपा, पछीबन चाम, काहूता, कोतरली, शारदी, केल, दुधनियाल, अठमुका, जूरा, लैंजोट, निकियाल, खुरेटा और मंथौर।
इंटरपोल की सूची में भी शामिल था युसूफ का नाम
युसूफ अजहर को बेशक आज वायुसेना ने आंतकी कैंप पर हुए हमलों में मार गिराया हो लेकिन वह इंटरपोल की सूची में सर्वाधिक वांछनीय अपराधी के तौर पर शामिल था। वह 1999 में कंधार में हुए आईसी-814 विमान अपहरणकर्ताओं की सूची में शामिल था। वह उस मसूद अजहर का साला था जो जेईएम का सबसे बड़ा आतंकी कैंप संचालित करता है।