मंगलवार तड़के पाक अधिकृत कश्मीर के बालाकोट में भारतीय वायुसेना की आतंकी संगठन जैश के ठिकानों पर की गई बमबारी के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। आतंकी ठिकानों पर हमले से बाद से पाकिस्तान अभी तक सदमे में है। आतंकी संगठन जैश के ठिकानों पर बमबारी की खबरें मिलते ही पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने चीन के विदेश मंत्री से फोन पर बातचीत की। वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस औचक घटनाक्रम के बाद आपात बैठक बुलाई है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने मंगलवार को चीन के विदेश मंत्री वांग यी से फोन पर बातचीत के दौरान वहां के ताजा हालातों से अवगत कराया। चीनी न्यूज एजेंसी शिनहुआ के मुताबिक पाकिस्तान ने क्षेत्र में शांति बनाए रखने और आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई के लिए प्रतिबद्धता जताई। वहीं वांग ने दोनों देशों से दक्षिण एशिया में शांति बनाए रखने और आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए रणनीति बनाने पर जोर दिया।
वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से इंमरजेंसी बैठक बुलाई है। यह बैठक इस्लामाबाद स्थित विदेश मंत्रालय में होगी। बैठक में आतंकी ठिकानों पर हमले के बाद उपजे हालातों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। वहीं कुरैशी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान के पास आत्मरक्षा का अधिकार है और भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के वायु सीमा क्षेत्र के उल्लंघन साथ सीजफायर तोड़ा है। अपने बयान में शाह ने नई दिल्ली को चेतावनी देते हुए कहा कि वह इस्लामाबाद को चुनौती न दे। साथ ही, कहा कि भारत में बेहतर समझदारी होनी चाहिए। विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान को भारत के इस दुस्साहस पर चिंतित नहीं होना चाहिए क्योंकि पाकिस्तान किसी भी कार्रवाई का जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के राजनीतिक दल पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने हवाई हमलों को लेकर भारत पर तंज कसते हुए वायुसेना की इस एयरस्ट्राइक को "बॉलीवुड का दुष्प्रभाव" बताया और हमले में कोई हताहत या नुकसान नहीं हुआ है।